13 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के तबादले, गोरखपुर को मिला नया मंडलायुक्त
इन्द्र विक्रम सिंह बने गोरखपुर के नए कमिश्नर, अनिल ढींगरा को मिली आवास विभाग की जिम्मेदारी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत 13 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। इस फेरबदल में गोरखपुर, बस्ती, बरेली और प्रयागराज मंडलों के मंडलायुक्त बदले गए हैं। इसके साथ ही आवास, कृषि, ऊर्जा, गृह और औद्योगिक विकास विभागों में भी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है।
गोरखपुर मंडलायुक्त अनिल ढींगरा को आवास आयुक्त, उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद, निदेशक नगर भूमि सीमांकन तथा सचिव आवास एवं शहरी नियोजन विभाग बनाया गया है। उनकी जगह कृषि विभाग के सचिव इन्द्र विक्रम सिंह को गोरखपुर का नया मंडलायुक्त नियुक्त किया गया है।
प्रमुख सचिव कृषि रविन्द्र को वर्तमान दायित्वों के साथ राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
फेरबदल के तहत राजस्व परिषद प्रयागराज के सदस्य (न्यायिक) संदीप कुमार को पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) का प्रबंध निदेशक बनाया गया है। वहीं गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) के सचिव पुष्प राज सिंह को नोएडा प्राधिकरण का अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी नियुक्त किया गया है। नोएडा के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी सतीश पाल को विशेष सचिव गृह विभाग बनाया गया है।
आवास आयुक्त बलकार सिंह को उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPSIDA) का मुख्य कार्यपालक अधिकारी नियुक्त किया गया है।
बस्ती मंडल में पीसीडीएफ के प्रबंध निदेशक वैभव श्रीवास्तव को नया मंडलायुक्त बनाया गया है, जबकि गृह एवं सतर्कता विभाग के सचिव प्रकाश बिन्दु को पीसीडीएफ का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है।
बरेली मंडलायुक्त भूपेन्द्र एस. चौधरी को सचिव प्रशासनिक सुधार विभाग भेजा गया है। उनकी जगह पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक शम्भु कुमार को बरेली का नया मंडलायुक्त बनाया गया है।
प्रयागराज में लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. लोकेश एम. को मंडलायुक्त नियुक्त किया गया है, जबकि वर्तमान मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल को श्रमायुक्त उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राज्य सरकार ने इन तबादलों को नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बताते हुए कहा है कि शासन-प्रशासन की कार्यक्षमता बढ़ाने तथा विभागीय कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से यह फेरबदल किया गया है।


















