स्टेशन के सामने बिरयानी दुकान पर खाद्य विभाग की छापेमारी हानिकारक रंग और मीट की गुणवत्ता की शिकायत पर जांच, बिरयानी के नमूने लैब भेजे गए; फूड लाइसेंस भी नहीं मिला

स्टेशन के सामने बिरयानी दुकान पर खाद्य विभाग की छापेमारी

हानिकारक रंग और मीट की गुणवत्ता की शिकायत पर जांच, बिरयानी के नमूने लैब भेजे गए; फूड लाइसेंस भी नहीं मिला

गोरखपुर। रेलवे स्टेशन के सामने स्थित ‘आलम मुरादाबादी हैदराबादी चिकन बिरयानी’ की दुकान पर बुधवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम ने अचानक छापेमारी कर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की। विभाग को शिकायत मिली थी कि दुकान पर तैयार की जा रही बिरयानी में स्वास्थ्य के लिए हानिकारक रंगों का प्रयोग किया जा रहा है तथा इस्तेमाल किया जा रहा मीट भी मानकों के अनुरूप नहीं है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बिरयानी के नमूने लेकर राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेज दिए।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने दुकान में साफ-सफाई, खाद्य सामग्री के रखरखाव, रसोई की व्यवस्था तथा आवश्यक अभिलेखों की जांच की। प्रारंभिक जांच में बिरयानी में फूड कलर का उपयोग पाया गया। हालांकि यह रंग खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप है या नहीं, इसका अंतिम निर्णय प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।

कार्रवाई के दौरान एक और गंभीर अनियमितता सामने आई। अधिकारियों को दुकान पर वैध फूड लाइसेंस उपलब्ध नहीं मिला। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार संचालित करना नियमों का उल्लंघन है। विभाग ने इस मामले में दुकान संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है तथा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

सहायक खाद्य आयुक्त सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि प्राप्त शिकायत के आधार पर टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। बिरयानी के नमूने वैज्ञानिक परीक्षण के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट में यदि प्रतिबंधित या स्वास्थ्य के लिए हानिकारक रंगों का उपयोग अथवा मीट की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के विपरीत पाई जाती है, तो संबंधित संचालक के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बिना वैध लाइसेंस कारोबार संचालित करने के मामले में भी अलग से दंडात्मक कार्रवाई होगी।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे केवल स्वच्छ और लाइसेंस प्राप्त प्रतिष्ठानों से ही खाद्य पदार्थ खरीदें। वहीं खाद्य कारोबारियों को चेतावनी दी गई है कि गुणवत्ता और स्वच्छता के मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता न करें। विभाग ने स्पष्ट किया कि जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध आगे भी सघन जांच अभियान जारी रहेगा।

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