25 करोड़ की लागत से बन रही अत्याधुनिक खाद्य प्रयोगशाला का निरीक्षण, सचिव डॉ. रोशन जैकब ने दिए सख्त निर्देश
लैब उपकरण, बंद लिफ्ट और जल निकासी व्यवस्था पर जताई नाराजगी, 10 दिन में कार्य पूर्ण करने के निर्देश
बस्ती। उत्तर प्रदेश शासन के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की सचिव तथा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की नोडल अधिकारी डॉ. रोशन जैकब ने अमौली, हथियागढ़ स्थित खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) भवन और निर्माणाधीन खाद्य प्रयोगशाला का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रयोगशाला की तैयारियों, उपकरणों की उपलब्धता और निर्माण कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान लैब गार्ड प्रतिनिधि ने बताया कि प्रयोगशाला से संबंधित कुछ फर्नीचर और उपकरण उपलब्ध हो चुके हैं, जबकि कुछ आयातित (इम्पोर्टेड) उपकरण अभी रास्ते में हैं। इस पर सचिव ने निर्देश दिया कि प्रयोगशाला में पहुंच चुके और शेष बचे उपकरणों की सूची तत्काल उपलब्ध कराई जाए तथा सभी आवश्यक सामान अधिकतम दस दिनों के भीतर उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
निरीक्षण के दौरान प्रयोगशाला में लगी लिफ्ट बंद पाई गई, जिस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। अधिशासी अभियंता ने आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर लिफ्ट को संचालित कर दिया जाएगा। इसके अलावा मुख्य प्रवेश द्वार के सामने बंद पड़े नाले को जल्द से जल्द चालू कराने के निर्देश दिए गए, ताकि बारिश के दौरान भवन परिसर में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो।
डॉ. रोशन जैकब ने भवन के भूतल पर बाहरी दीवारों की खिड़कियों और मुख्य द्वार पर स्टील अथवा एल्यूमिनियम ग्रिल लगाने का कार्य भी दस दिनों के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान गोरखपुर मंडल में संचालित लैब के साइंटिफिक अधिकारी-2 की 13 मई 2026 की रिपोर्ट का भी अवलोकन किया गया, जिसमें प्रमाणीकरण हेतु 237 नमूनों के लंबित होने की जानकारी दी गई थी। इस पर सचिव ने निर्देश दिया कि प्राप्त नमूनों के सापेक्ष कितने नमूनों की जांच कर उन्हें डिस्पैच किया जा चुका है, इसकी अद्यतन रिपोर्ट रविवार शाम तक मुख्यालय को भेजी जाए।
लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हो रही इस अत्याधुनिक खाद्य प्रयोगशाला के संचालन से खाद्य नमूनों की जांच क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इसके शुरू होने के बाद स्थानीय व्यापारी और किसान अपने उत्पादों की गुणवत्ता की जांच स्थानीय स्तर पर ही करा सकेंगे, जिससे समय की बचत के साथ गुणवत्ता सुनिश्चित करने में भी सहायता मिलेगी।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी श्रीमती कृत्तिका ज्योत्स्ना, मुख्य विकास अधिकारी सार्थक अग्रवाल, सहायक आयुक्त (खाद्य) राजेंद्र सिंह, मुख्यालय प्रभारी प्रयोगशाला एवं अभिहित अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।















