नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, महिला समेत चार गिरफ्तार
फर्जी नियुक्ति पत्र बनाकर बेरोजगारों से वसूलते थे लाखों रुपये
महराजगंज। नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का महराजगंज पुलिस ने पर्दाफाश किया है। थाना निचलौल पुलिस, एसओजी और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में महिला सहित चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, थाना निचलौल में दर्ज दो मामलों में वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई थी। तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर की सूचना और लगातार की गई जांच के आधार पर पुलिस ने लखनऊ और गोरखपुर के विभिन्न स्थानों से आरोपियों को दबोच लिया।
जांच में पता चला कि आरोपी सरकारी एवं निजी संस्थानों में नौकरी दिलाने का झूठा आश्वासन देकर बेरोजगार युवाओं को अपने जाल में फंसाते थे। विश्वास हासिल करने के बाद उनसे मोटी रकम वसूलते और बदले में फर्जी ऑफर लेटर, नियुक्ति पत्र तथा अन्य कूटरचित दस्तावेज उपलब्ध करा देते थे। जब तक पीड़ितों को ठगी का एहसास होता, तब तक आरोपी लाखों रुपये लेकर फरार हो चुके होते थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजचन्द्रा उर्फ अजीत (गोरखपुर), आमोद राठौर (लखनऊ), कुलदीप (उन्नाव) और अराधना कुमारी (लखनऊ) के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने नौकरी दिलाने के नाम पर धनराशि लेकर फर्जी दस्तावेज तैयार करने और लोगों से ठगी करने की बात स्वीकार की है।
पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि नौकरी के नाम पर किसी भी व्यक्ति या संस्था को धनराशि देने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें तथा संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को दें।















