उर्वरक दुकानों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 33 प्रतिष्ठानों की जांच, चार के लाइसेंस निलंबित
खरीफ सीजन में कालाबाजारी रोकने को छापेमारी, आठ नमूने जांच के लिए भेजे गए
संतकबीरनगर। खरीफ सीजन में उर्वरकों की बढ़ती मांग और संभावित कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी आलोक कुमार के निर्देश पर कृषि विभाग एवं मजिस्ट्रेट की संयुक्त टीमों ने जिलेभर में उर्वरक प्रतिष्ठानों पर औचक छापेमारी कर 33 दुकानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान आठ उर्वरक नमूने संग्रहित किए गए, जबकि अनियमितता मिलने पर चार प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार यादव ने बताया कि शासन के निर्देश पर उर्वरकों की गुणवत्ता, उपलब्धता और कालाबाजारी की रोकथाम के लिए तीन तहसीलों में संयुक्त अभियान चलाया गया। खलीलाबाद तहसील में 16 दुकानों का निरीक्षण कर पांच नमूने लिए गए, धनघटा में आठ दुकानों की जांच के दौरान दो नमूने संग्रहित किए गए, जबकि मेहदावल तहसील में नौ प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर एक नमूना लिया गया।
जांच के दौरान अभिलेखों में अनियमितता, दुकान बंद मिलने और निर्धारित नियमों का पालन न करने पर कार्रवाई की गई। प्रजापति ट्रेडर्स महुआडांड, चौधरी खाद बीज भंडार चमरसन, इफ्फको/आईएफएफडीसी महुआडांड सहित चार प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर नोटिस जारी किया गया। वहीं धनघटा क्षेत्र में एक प्रतिष्ठान को अभिलेख अपूर्ण मिलने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
अभियान के दौरान साधन सहकारी समिति मीरगंज, जय मां वैष्णो ट्रेडर्स तेनुहारी, एग्री जंक्शन दड़वा, साधन सहकारी समिति पालीखास, डीसीएफ केंद्र भुजैनी, आईएफएफडीसी बुढ़ाकला-कांटे, एग्री जंक्शन कांटे, संतोष चौधरी खाद भंडार जिगिना, चौधरी खाद बीज भंडार गर्थौलिया चौराहा, सहकारी क्रय-विक्रय भुजैनी, दिनेश एंटरप्राइजेज, तिवारी एंटरप्राइजेज और आकाश एंटरप्राइजेज चुरेब सहित अन्य प्रतिष्ठानों की भी जांच की गई।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि सभी नमूनों को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है। यदि जांच में उर्वरक अमानक पाए जाते हैं तो उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन में विशेष रूप से यूरिया की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिले में यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।















