बहू–बेटी सम्मेलन के लिए मास्टर ट्रेनर्स का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू मिशन शक्ति के तहत पुलिस–यूनिसेफ की पहल, चार जिलों में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष फोकस

बहू–बेटी सम्मेलन के लिए मास्टर ट्रेनर्स का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू

मिशन शक्ति के तहत पुलिस–यूनिसेफ की पहल, चार जिलों में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष फोकस

गोरखपुर। महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा, जागरूकता और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत “बहू–बेटी सम्मेलन” कार्यक्रम के लिए मास्टर ट्रेनर्स का तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण गुरुवार से गोरखपुर में शुरू हो गया। गोरखपुर जोन पुलिस और UNICEF के संयुक्त तत्वावधान में होटल कोर्टयार्ड बाय मैरियट में आयोजित यह कार्यशाला 11 से 13 जून तक चलेगी।

प्रशिक्षण में गोरखपुर, महराजगंज, संतकबीरनगर और बलरामपुर जनपदों के चयनित मास्टर ट्रेनर्स प्रतिभाग कर रहे हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशिक्षकों को सम्मेलन की अवधारणा, संचालन और प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी देकर उन्हें अपने-अपने जिलों में जागरूकता अभियान संचालित करने के लिए तैयार करना है।

कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस महानिरीक्षक (जोन) मुथा अशोक जैन ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर डीआईजी गोरखपुर परिक्षेत्र शिवशिम्पी चनप्पा, जिलाधिकारी दीपक मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ, यूनिसेफ के चीफ ऑफ फील्ड ऑफिस डॉ. ज़कारी एडम तथा बाल संरक्षण विशेषज्ञ सैय्यद मंसूर उमर कादरी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

सैय्यद मंसूर उमर कादरी ने बताया कि “बहू सम्मेलन” अब “बहू–बेटी सम्मेलन” के रूप में विकसित होकर महिलाओं और बालिकाओं के अधिकारों, सुरक्षा और सशक्तिकरण का प्रभावी मंच बन चुका है। उन्होंने बताया कि 44 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया जा रहा है, जो आगे 50 ब्लॉकों में लगभग 500 ब्लॉक स्तरीय और 18 हजार से अधिक ग्राम पंचायत स्तरीय प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे।

एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने कहा कि पुलिस अब केवल अपराध के बाद कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि जागरूकता और रोकथाम के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन में भी सक्रिय भूमिका निभा रही है। वहीं मुथा अशोक जैन ने प्रशिक्षकों को इस अभियान का “एम्बेसडर” बताते हुए गांव-गांव तक जागरूकता पहुंचाने का आह्वान किया।

कार्यशाला में पुलिस, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्राम्य विकास, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तथा विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि भी भाग ले रहे हैं। आयोजन का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित एवं जागरूक समाज का निर्माण करना है।

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