साइबर ठगी के शिकार 6 लोगों को मिली राहत, 44 हजार रुपये से अधिक की रकम वापस
एम्स थाना पुलिस की त्वरित कार्रवाई से पीड़ितों के खातों में लौटे ₹44,825
गोरखपुर। साइबर अपराध के मामलों में पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाने की दिशा में एम्स थाना पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। ऑनलाइन साइबर धोखाधड़ी के शिकार छह लोगों की कुल 44,825.74 रुपये की धनराशि वापस कराकर पुलिस ने उन्हें बड़ी राहत प्रदान की है।
पुलिस के अनुसार, पीड़ितों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों के आधार पर राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर तत्काल कार्रवाई की गई। शिकायतों की जांच के बाद संबंधित बैंक खातों में ट्रांजेक्शन को होल्ड और लीन कराकर फंसी हुई रकम को सुरक्षित कराया गया, जिसके बाद पूरी धनराशि पीड़ितों के खातों में वापस कर दी गई।
एम्स थाना पुलिस की साइबर हेल्प डेस्क की सक्रियता, तकनीकी दक्षता और विभिन्न बैंकों के साथ त्वरित समन्वय के चलते यह कार्रवाई सफल हो सकी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराध के मामलों में समय पर शिकायत दर्ज कराना बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि शुरुआती घंटों में की गई कार्रवाई से धनराशि वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, यूपीआई फ्रॉड, ओटीपी शेयरिंग या अन्य साइबर अपराध का शिकार हों, तो तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है और आमजन की जागरूकता ही ऐसे अपराधों की रोकथाम का सबसे प्रभावी माध्यम है।















