जिला कारागार में बंदियों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम शुरू, आत्मनिर्भर बनाने की पहल
मशरूम खेती, अगरबत्ती- मोमबत्ती निर्माण समेत कई रोजगारपरक प्रशिक्षण दिए जाएंगे
संतकबीरनगर। जिला कारागार संतकबीरनगर में बंदियों के पुनर्वास और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। अधीक्षक जिला कारागार कुलदीप सिंह ने बताया कि कारागार प्रशासन द्वारा State Bank of India के रूरल सेल्फ एम्प्लॉयमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (RSETI) के सहयोग से कौशल विकास कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है।
कार्यक्रम का उद्घाटन कारागार अधीक्षक कुलदीप सिंह ने आरसेटी टीम की उपस्थिति में किया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत बंदियों को स्वरोजगार से जुड़ी विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि रिहाई के बाद वे सम्मानजनक जीवन जी सकें और आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें।
प्रशिक्षण में मशरूम की खेती, सब्जियों की उन्नत खेती, अगरबत्ती और मोमबत्ती निर्माण, होजरी एवं जूट बैग निर्माण, पशुपालन सहित कई लघु उद्योगों की जानकारी और व्यावहारिक प्रशिक्षण शामिल किया गया है।
कारागार प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार के कौशल विकास कार्यक्रम बंदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ-साथ उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में सहायक सिद्ध होंगे। अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षण के माध्यम से बंदियों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे भविष्य में रोजगार या स्वरोजगार के अवसर प्राप्त कर सकेंगे।















