जंग न होती तो रवि किशन दुबई में होते: CM योगी बोले अफवाहों से सतर्क रहिए, जरूरत हो तभी पेट्रोल-डीजल लें

जंग न होती तो रवि किशन दुबई में होते: CM योगी बोले अफवाहों से सतर्क रहिए, जरूरत हो तभी पेट्रोल-डीजल लें

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गीडा में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (STPI) के उद्घाटन के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए ईरान-इजराइल युद्ध पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अगर वहां जंग न होती तो रवि किशन इस समय दुबई में होते। आज समय है तो बोले सहजनवा चल लेते हैं।

सीएम योगी ने आगे कहा कि युद्ध लंबा खिंचा तो हर व्यक्ति प्रभावित होगा। हमें मानसिक रूप से तैयार रहना होगा। अफवाहों पर ध्यान नहीं देना है। कुछ लोग अफवाह फैलाकर माहौल खराब कर रहे हैं। जरूरत हो तभी पेट्रोल-डीजल लेने जाएं। अफवाह के चक्कर में जब पड़ते हैं तब लोग हमारी राष्ट्रभक्ति पर संदेह करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के साथ किसी भी नेशनल इश्यू में काम करते हैं तो यही राष्ट्रभक्ति है। कोई भी रसोई गैस का सिलिंडर एक महीने चल जाता था। आज लोग पांचवें-छठवें दिन ही सिलिंडर लेने चले जा रहे हैं। इसकी क्या जरूरत है। सिलिंडर होम डिलीवरी कराए। लाइन लगाने की आवश्यकता नहीं है। भारत में सब अच्छा है। उत्साहपूर्ण तरीके से सभी कार्यक्रम हो रहे हैं।

इस मौके पर सीएम योगी ने कहा कि स्टार्टअप चलाने वाला व्यक्ति अपना कंप्यूटर लेकर आईटी पार्क में जाएगा, उसे जगह, बिजली कनेक्शन और अन्य सुविधाओं की टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। जहां भी सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी अपना दमखम दिखा रही है, उसका सबसे सफल मॉडल यही है। हमारे युवा में टैलेंट है। इस टैलेंट को जब टेक्नोलॉजी से जोड़ते हैं तो वह अपनी प्रतिभा को कई गुणा तेजी के साथ आगे बढ़ाने में सफल रहता है। दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी भारत में है।

2014 के पहले की सरकारों ने युवाओं के स्किल को स्केल में बदलने का प्रयास नहीं किया। इसके परिणामस्वरूप युवा निराश होते थे और पलायन करते थे। 2014 के बाद हर क्षेत्र में परिवर्तन देखने को मिला। सॉफ्टवेयर फील्ड में जो भी युवा स्टार्टअप के लिए प्लेटफॉर्म चाहता है, उसे यहां मिलेगा।

15 अप्रैल को पूर्वी यूपी के पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ होने जा रहा है। अब हम केवल हार्डवेयर में ही नहीं, सॉफ्टवेयर में भी अपनी क्षमता दिखाएंगे। इस बार के बजट में टेक्नोलॉजी पर विशेष फोकस किया गया है। जब हम तकनीक से परहेज करते हैं तो प्रतिस्पर्धा में नहीं रहते। हमें दुर्गति के नहीं, प्रगति के मार्ग पर चलना है।

एमएमएमयूटी को ग्रीन हाइड्रोजन पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस दिया गया है। नया भारत विरासत और विकास में विश्वास करता है। एनर्जी के लिए हमें किसी के भरोसे न रहना पड़े, इसके लिए ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक को लाना पड़ेगा। जापान इस तकनीक में काफी आगे है। उनके साथ मिलकर इस कार्यक्रम में आगे बढ़ेंगे।

यूपी में जिस क्षेत्र में संभावना है, उसके लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किया जा रहा है। कानपुर में लेदर और ड्रोन टेक्नोलॉजी के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किया। वर्ल्ड बैंक के साथ मिलकर एग्रीटेक में काम कर रहे हैं। गीडा में प्लास्टिक पार्क भी विकसित हो रहा है।

Previous articleजनपद में पेट्रोल-डीजल व गैस सिलेण्डर की आपूर्ति सुचारु रखने के निर्देश, अफवाहों पर न दें ध्यान

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here