जहरखुरानी गैंग का पर्दाफाश: जेल में मिली मुलाकात से बने साथी, सागौन चोरी में दबोचे गए तीनों हिस्ट्रीशीटर
संतकबीरनगर। सागौन के पेड़ चुपके से काटकर चोरी करने वाले अंतरजनपदीय गैंग पर पुलिस ने करारा प्रहार किया है। थाना कोतवाली खलीलाबाद पुलिस, स्वाट और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में गोरखपुर और देवरिया के तीन हिस्ट्रीशीटर आरोपियों को दबोच लिया गया। पुलिस ने चोरी की गई 12 बोटा सागौन की लकड़ी, आरा (फेटा), रस्सा, पिकअप बोलेरो और जाइलो कार बरामद की है।
पुलिस लाइन में प्रेस वार्ता कर एसपी संदीप कुमार मीना ने बताया कि गैंग का सरगना कृष्ण मोहन निषाद (निवासी शिवपुर पड़रही, देवरिया) और सक्रिय सदस्य घनश्याम प्रजापति (निवासी जंगल रामलखना, खोराबार, गोरखपुर) दोनों हिस्ट्रीशीटर हैं। इनकी मुलाकात गोरखपुर जेल में हुई थी। वहां से दोनों ने साझेदारी कर गिरोह गठित किया। तीसरा आरोपी जितेंद्र पासवान (निवासी जयपुर, खोराबार, गोरखपुर) भी घनश्याम के संपर्क से जुड़ा।
घनश्याम दुष्कर्म मामले में 19 महीने जेल काटकर ढाई महीने पहले छूटा था और तुरंत सक्रिय हो गया। गैंग कपड़ा बेचने, गन्ने का जूस बेचने के बहाने सुनसान खेतों में सागौन के पेड़ों की रेकी करता था। आने-जाने के रास्ते जान लेता और रात में फेटा (आरा) से पेड़ काटकर 7 फीट लंबे बोटे बनाता। आवाज न हो, इसके लिए मशीन की जगह फेटा का इस्तेमाल करता था। लकड़ी को नए-नए वाहनों से ढोकर छिपाता और औने-पौने दामों में बेच देता। कृष्ण मोहन की खुद की लकड़ी की दुकान भी है, जिससे लूट का सामान आसानी से बिक जाता था।
घटना 10/11 मार्च की रात ग्राम गड़सरपार के सुनसान खेत में हुई, जहां तीन सागौन के पेड़ काटे गए। अब्दुल अलीम और शमसुद्दीन की शिकायत पर मुकदमा दर्ज हुआ। 21 मार्च को मगहर के संतकबीर आश्रम तिराहे के पास से तीनों को गिरफ्तार किया गया।
एसपी संदीप कुमार मीना ने कहा कि इस गैंग की आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाया जाएगा। गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। अपराध से अर्जित संपत्ति चिन्हित कर कुर्क कराई जाएगी। टीम के उत्कृष्ट कार्य के लिए 25,000 रुपये नकद पुरस्कार की घोषणा की गई है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वन संपदा की चोरी की सूचना तुरंत दें, ताकि ऐसे पेशेवर गिरोहों पर लगाम लगाई जा सके।















