डीएम दीपक मीणा ने तहसील कैंपियरगंज का किया औचक निरीक्षण, सख्त निर्देश जारी
गोरखपुर। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने शनिवार को तहसील कैंपियरगंज का अचानक औचक निरीक्षण किया और वहां की समग्र व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने राजस्व अभिलेखों के रख-रखाव, लंबित मामलों की स्थिति, जन शिकायतों के निस्तारण, रिकॉर्ड रूम, कंप्यूटर कक्ष और विभिन्न पटलों की कार्यप्रणाली को बारीकी से परखा। डीएम के अप्रत्याशित दौरे से तहसील परिसर में हड़कंप मच गया।
जिलाधिकारी सबसे पहले तहसील सभागार पहुंचे, जहां उन्होंने उपस्थित अधिकारियों से तहसील क्षेत्र में चल रहे राजस्व वादों, वरासत, नामांतरण, पैमाइश और अतिक्रमण से जुड़े मामलों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिकता वाले सभी मामलों का निस्तारण निर्धारित समयसीमा के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
रिकॉर्ड रूम के निरीक्षण में डीएम ने पुराने दस्तावेजों के संरक्षण, डिजिटाइजेशन की प्रगति और फाइलों की उपलब्धता पर सवाल किए। उन्होंने कर्मचारियों को निर्देशित किया कि सभी आवश्यक अभिलेख सुव्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से रखे जाएं ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत उपलब्ध कराए जा सकें।
जनसुनवाई रजिस्टर की जांच के दौरान जिलाधिकारी ने फरियादियों को अनावश्यक चक्कर न लगवाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हर प्रार्थना पत्र पर गंभीरता से सुनवाई हो और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। शिकायतों का समाधान केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि मौके पर जाकर वास्तविक राहत पहुंचाई जाए।
कंप्यूटर कक्ष में डीएम ने ऑनलाइन सेवाओं, प्रमाण पत्रों के निर्गमन और राजस्व संबंधी डिजिटल प्रक्रियाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि डिजिटल सेवाओं को और तेज, पारदर्शी और जनता के अनुकूल बनाया जाए।
निरीक्षण के दौरान कुछ फरियादी भी मौजूद थे। डीएम ने उनसे सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए। उन्होंने साफ कहा कि जनता की संतुष्टि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने अंत में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी दी कि शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता के साथ काम किया जाए। अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें ताकि आमजन को बेहतर सेवा मिल सके।
इस दौरान एसडीएम सिद्धार्थ पाठक, तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित अन्य राजस्व अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।















