यशवीर सिंह बने बस्ती के नए पुलिस अधीक्षक
सख्त और परिणामोन्मुख कार्यशैली से अपराध पर लगेगी कड़ी लगाम
बस्ती। उत्तर प्रदेश शासन के हालिया प्रशासनिक फेरबदल में 2013 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी यशवीर सिंह को बस्ती जनपद का नया पुलिस अधीक्षक (एसपी) नियुक्त किया गया है। इससे पूर्व वे रायबरेली में पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत थे। उनकी इस महत्वपूर्ण तैनाती से जनपद में कानून-व्यवस्था को नई मजबूती और अपराध पर प्रभावी अंकुश लगने की उम्मीद जगी है।
यशवीर सिंह अपनी अनुशासित, सख्त और परिणामोन्मुख कार्यशैली के लिए पूरे प्रदेश में पहचाने जाते हैं। जहां भी उन्होंने जिम्मेदारी संभाली, वहां अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, अवैध तस्करी और संगठित गिरोहों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की मिसाल पेश की। शासन द्वारा उन्हें बस्ती जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण जनपद की कमान सौंपना उनके अनुभव, नेतृत्व क्षमता और सिद्ध कार्यक्षमता पर गहरा भरोसा दर्शाता है।
उत्तराखंड के हरिद्वार जनपद के रायसी गांव में जन्मे यशवीर सिंह का जीवन संघर्ष और लगन की जीती-जागती मिसाल है। सामान्य ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर उन्होंने आईपीएस बनने का मुकाम हासिल किया। आईपीएस से पहले वे पशु चिकित्सक के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं। इस वैज्ञानिक और व्यावहारिक पृष्ठभूमि ने उनकी पुलिसिंग में तार्किकता, संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय क्षमता को मजबूती प्रदान की है।
आईपीएस सेवा में आने के बाद उन्होंने अलीगढ़, जालौन, सोनभद्र और गाजीपुर जैसे चुनौतीपूर्ण जिलों में पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्य किया। इन जनपदों में उन्होंने अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई, बड़े अभियानों का सफल संचालन और कानून-व्यवस्था की मजबूती सुनिश्चित की। उनके नेतृत्व में पुलिस टीम ने कई महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल कीं, जिससे अपराधियों में उनका खौफ और जनता में विश्वास बढ़ा।
शांत स्वभाव के धनी यशवीर सिंह फील्ड में सख्ती और तेज निर्णय लेने के लिए मशहूर हैं। कानून-व्यवस्था के मामलों में उनकी सक्रियता और संवेदनशील दृष्टिकोण विशेष रूप से सराहा जाता है। साथ ही वे पुलिस-जनता के बीच बेहतर संवाद और तालमेल पर भी विशेष जोर देते हैं, जो अपराध नियंत्रण में सहायक सिद्ध होता है।
निवर्तमान एसपी अभिन्नदन को सहारनपुर में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बनाए जाने के बाद बस्ती पुलिस को नया नेतृत्व मिला है। जनपदवासियों को उम्मीद है कि यशवीर सिंह के कुशल नेतृत्व में अपराध पर कड़ा प्रहार होगा, पुलिस व्यवस्था और सशक्त होगी तथा आम नागरिकों को सुरक्षित और न्यायपूर्ण माहौल मिलेगा। उनकी तैनाती से बस्ती में पुलिसिंग के नए आयाम स्थापित होने की संभावना जताई जा रही है।















