चंडी महायज्ञ और भागवत कथा में उमड़ी भक्ति की लहर समाजसेवी डॉ. उदय प्रताप चतुर्वेदी ने संतों को अंगवस्त्र भेंट कर किया सम्मानित, यज्ञ समिति को दी 21 हजार की सहयोग राशि

चंडी महायज्ञ और भागवत कथा में उमड़ी भक्ति की लहर

समाजसेवी डॉ. उदय प्रताप चतुर्वेदी ने संतों को अंगवस्त्र भेंट कर किया सम्मानित, यज्ञ समिति को दी 21 हजार की सहयोग राशि

संतकबीरनगर। जनपद के विख्यात समाजसेवी एवं सूर्या ग्रुप के प्रबंध निदेशक डॉ. उदय प्रताप चतुर्वेदी ने जिला पंचायत अध्यक्ष बलिराम यादव के साथ महुली क्षेत्र के अजाव और कोडरी गांवों में आयोजित धार्मिक आयोजनों में भाग लिया। इन कार्यक्रमों में उन्होंने संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।

भ्रमण के प्रथम चरण में डॉ. उदय अजाव गांव पहुंचे, जहां जिला पंचायत अध्यक्ष बलिराम यादव के संयोजन में श्री चंडी महायज्ञ का समापन समारोह चल रहा था। श्री धाम वृंदावन से पधारीं पूज्या कथावाचक लीलाराम दास जी महाराज को डॉ. उदय ने अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया और उनका चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। आयोजक मंडल ने डॉ. उदय का फूल-मालाओं से गर्मजोशी से स्वागत किया। डॉ. उदय ने भक्ति भाव से यज्ञ समिति को 21 हजार रुपये की सहयोग राशि भेंट की, जिससे आयोजन की सफलता में उनका योगदान और भी उल्लेखनीय हो गया।

इसके बाद डॉ. उदय अपने करीबी विद्यालय स्टाफ अजय शर्मा के पैतृक गांव कोडरी पहुंचे, जहां श्रीमद् भागवत कथा का भव्य आयोजन हुआ था। उन्होंने कथा की मुख्य आरती में सम्मिलित होकर अपनी श्रद्धा अर्पित की। कथावाचक आचार्य संजय कृष्ण शंकर जी महाराज एवं उनकी पूरी टीम को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर अजय शर्मा और विजय शर्मा ने डॉ. उदय का अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया।

दोनों ही धार्मिक आयोजनों में डॉ. उदय प्रताप चतुर्वेदी की उपस्थिति चर्चा का केंद्र बनी। उन्होंने सनातन धर्म की महिमा और सेवा भाव को सर्वोपरि बताते हुए संतों के प्रति अपनी गहरी निष्ठा और श्रद्धा व्यक्त की। डॉ. उदय ने कहा कि संतों का आशीर्वाद और धार्मिक आयोजन समाज में सद्भाव, एकता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।

इस दौरान नितेश द्विवेदी, शंकर यादव, राजपाल यादव, आनंद ओझा, सुभाष तिवारी, सुशील पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। इन कार्यक्रमों ने अजाव और कोडरी गांवों में भक्ति और सामाजिक एकजुटता का अनुपम दृश्य प्रस्तुत किया।

डॉ. उदय की यह सक्रिय भागीदारी न केवल धार्मिक आयोजनों को नई ऊर्जा प्रदान करती है, बल्कि समाजसेवा और सनातन मूल्यों के प्रचार-प्रसार में उनका निरंतर योगदान भी दर्शाती है।

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