ताइक्वांडो बेल्ट प्रमोशन परीक्षा में दमखम दिखाया दमके खिलाड़ियों ने
240 से अधिक प्रतिभागियों ने अंतरराष्ट्रीय मानकों पर चमकाई प्रतिभा, नई बेल्ट हासिल कर बढ़ाया जिले का नाम
गोरखपुर। पूर्वांचल में ताइक्वांडो की प्रतिभाओं का जोरदार प्रदर्शन रविवार को संस्कृति पब्लिक स्कूल परिसर में देखने को मिला। डिस्ट्रिक्ट ताइक्वांडो एसोसिएशन ऑफ गोरखपुर के तत्वावधान में आयोजित कलर बेल्ट प्रमोशन परीक्षा में जिले के विभिन्न प्रशिक्षण केंद्रों से आए 240 से अधिक खिलाड़ियों ने अपनी तकनीकी कुशलता, संतुलन, गति और मानसिक दृढ़ता का शानदार प्रदर्शन किया।
परीक्षा पूरी तरह ताइक्वांडो के अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप संचालित की गई। खिलाड़ियों का मूल्यांकन किक्स, पूमसे (फॉर्म), स्पैरिंग, ब्रेकिंग और मौखिक परीक्षा के बहुस्तरीय चरणों में किया गया। अनुशासित और सुव्यवस्थित आयोजन ने इसे एक आदर्श खेल परीक्षा का रूप प्रदान किया।
वर्गवार प्रमुख परिणाम
व्हाइट बेल्ट प्रथम – राजेश्वरी, द्वितीय – अंकुर यादव
येलो बेल्ट प्रथम – अहाना गुरुंग, द्वितीय – अमीना अली
ग्रीन बेल्ट प्रथम – विधि भालोठिया, द्वितीय – रिशांत सिंह
ग्रीन-वन बेल्ट प्रथम – अमित साहनी, द्वितीय – जागृति सिंह
ब्लू बेल्ट प्रथम – गौरी, द्वितीय – कुलश्रेष्ठ
ब्लू-वन बेल्ट प्रथम – प्रहर्षिता, द्वितीय – मिल्केन
रेड बेल्ट प्रथम – अश्वनी चौधरी, द्वितीय – अनुज कुमार पाठक
एसोसिएशन के अध्यक्ष दुर्गेश त्रिपाठी, महासचिव गुलशेर शेर गिल और संयुक्त सचिव शंभू नाथ कुशवाहा ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बेल्ट प्रमोशन परीक्षाएं न केवल तकनीकी प्रगति का प्रमाण हैं, बल्कि आत्मरक्षा, आत्मविश्वास, धैर्य और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का माध्यम भी हैं। उन्होंने कहा कि ताइक्वांडो युवाओं को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंचों के लिए तैयार कर रहा है।
आयोजन की सफलता में वरिष्ठ कोच सुधांशु कुमार, साहिल गुरुंग, ओम प्रकाश यादव, ऐश्वर्या यादव, निशा श्रीवास्तव और शांति सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके सतत मार्गदर्शन से खिलाड़ी परीक्षा की कठिन चुनौतियों का आत्मविश्वास से सामना कर सके।
समापन पर सफल प्रतिभागियों को उच्च बेल्ट के लिए चयनित घोषित किया गया। एसोसिएशन पदाधिकारियों ने संस्कृति पब्लिक स्कूल प्रशासन, अभिभावकों और प्रशिक्षकों के सहयोग के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि जिले में खेल संस्कृति को मजबूत करने और नई प्रतिभाओं को मंच देने के लिए ऐसे आयोजन भविष्य में नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।















