भाजपा नेत्री डॉ. सोनी सिंह ने वृद्धाश्रम में किया खिचड़ी सहभोज, बुजुर्गों को दी हनुमान चालीसा की पुस्तक

संतकबीरनगर। सनातन संस्कृति के संरक्षण और वृद्धजनों के प्रति सेवा-भाव को लेकर खलीलाबाद के सियरा साथा स्थित वृद्धाश्रम में राष्ट्रीय सनातन संस्कृति के तत्वावधान में खिचड़ी सहभोज का भावपूर्ण आयोजन किया गया। भाजपा नेत्री एवं समाजसेवी डॉ. सोनी सिंह ने अपने सहयोगियों के साथ इस कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी की और वृद्धजनों के साथ बैठकर सहभोज किया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बुजुर्गों को सम्मान, आत्मीयता और सामाजिक जुड़ाव का अनुभव कराना था। डॉ. सोनी सिंह ने वृद्धाश्रम में रहने वाले सभी बुजुर्गों से व्यक्तिगत मुलाकात की, उनकी कुशलक्षेम पूछी और समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा, “वृद्धजन समाज के निर्माण में अमूल्य योगदान देते हैं। उनकी सेवा करना हमारा नैतिक दायित्व है। खिचड़ी सहभोज जैसी परंपराएं भारतीय संस्कृति की पहचान हैं, जो आपसी प्रेम, सौहार्द और समरसता को मजबूत करती हैं।”
इस अवसर पर डॉ. सोनी सिंह ने सभी वृद्धजनों को हनुमान चालीसा की पुस्तक भेंट की। उन्होंने कहा कि हनुमान चालीसा आत्मबल, सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक शांति का स्रोत है। पुस्तक प्राप्त कर बुजुर्गों के चेहरे पर खुशी छा गई। कई वृद्धजनों ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
राष्ट्रीय सनातन संस्कृति के पदाधिकारियों ने बताया कि संस्था सनातन मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने के साथ वृद्धाश्रम, अनाथालय और जरूरतमंद बस्तियों में निरंतर सेवा कार्य करती है। खिचड़ी सहभोज इसी कड़ी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य समाजसेवियों ने भी बुजुर्गों के साथ भोजन कर उनका मनोबल बढ़ाया। वृद्धाश्रम प्रबंधन ने डॉ. सोनी सिंह और राष्ट्रीय सनातन संस्कृति के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन बुजुर्गों को भावनात्मक संबल देते हैं और उन्हें समाज से जुड़ा हुआ महसूस कराते हैं।
अंत में डॉ. सोनी सिंह ने कहा कि आने वाले समय में भी ऐसे सेवा और सांस्कृतिक कार्यक्रम निरंतर जारी रहेंगे। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे आगे आकर वृद्धजनों की सेवा में सहभागी बनें और भारतीय संस्कृति की सेवा-भावना को आगे बढ़ाएं।















