विधिक विज्ञान प्रयोगशाला निरीक्षण: मंत्री ने प्लास्टर की खामी पर की फटकार, गुणवत्ता पर सख्त निर्देश।
बस्ती। प्रविधिक शिक्षा एवं उपभोक्ता मामले उत्तर प्रदेश के प्रभारी मंत्री आशीष पटेल ने सर्किट हाउस में कोर ग्रुप एवं जिला प्रशासनिक समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के बाद उन्होंने ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण अधिनियम 2025’ (VB-G-RAM-G) पर प्रेस वार्ता को संबोधित किया।
मंत्री ने बताया कि यह अधिनियम ग्रामीण रोजगार को विकास की गारंटी बनाता है। मनरेगा की कमजोरियों को दूर करते हुए प्रत्येक परिवार को 125 दिन + 60 दिन कृषि कार्यों के लिए कुल 185 दिन रोजगार की कानूनी गारंटी दी गई है। कार्यों को चार मुख्य क्षेत्रों जल सुरक्षा, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका संपत्ति और जलवायु संरक्षण में सीमित किया गया। फसल बुआई-कटाई के मौसम में अन्य कार्य रोके जाएंगे। बेरोजगारी भत्ता समयबद्ध अधिकार बन गया है 15 दिनों में काम न मिलने पर भत्ता मिलेगा।
पारदर्शिता के लिए AI फ्रॉड डिटेक्शन, GPS ट्रैकिंग, साप्ताहिक डेटा प्रकाशन, अनिवार्य सामाजिक ऑडिट और स्टेयरिंग कमेटियां गठित की गई हैं। भुगतान में देरी पर 7 दिनों के बाद ब्याज सहित भुगतान होगा।
प्रेस वार्ता के बाद मंत्री ने ग्राम छरोछा (तहसील बस्ती सदर) में निर्माणाधीन विधिक विज्ञान प्रयोगशाला का निरीक्षण किया। उन्होंने प्लास्टर की खराब गुणवत्ता पर नाराजगी जताई और कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्यदायी संस्था को तुरंत प्लास्टर सुधारने के निर्देश दिए। संस्था ने बताया कि बजट मिल गया है, कार्य शीघ्र पूरा होगा। मंत्री ने जिला प्रशासन को नियमित निरीक्षण का आदेश दिया।
इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष विवेकानन्द मिश्र, विधायक अजय सिंह, जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्स्ना, पुलिस अधीक्षक अभिनन्दन, सीडीओ सार्थक अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।















