अर्बन फ्लड नियंत्रण एवं स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज योजना: मंडलायुक्त ने की समीक्षा बैठक, आगामी मानसून के लिए तैयारियां तेज
गोरखपुर। शहरी क्षेत्रों में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या से निपटने के लिए मंडलायुक्त सभागार में मंगलवार को महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी मानसून को देखते हुए स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करना और प्रभावी कार्ययोजना तैयार करना था।
मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने कहा कि गोरखपुर शहर में हर वर्ष मानसून में जलभराव आम जनजीवन के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। इसे रोकने के लिए स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम को और सुदृढ़ करना आवश्यक है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि पहले से चिन्हित जलभराव वाले क्षेत्रों की पुनः समीक्षा कर प्राथमिकता के आधार पर कार्य शुरू किए जाएं।
नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने नगर निगम द्वारा चलाई जा रही एवं प्रस्तावित ड्रेनेज परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नालों की नियमित सफाई, अतिक्रमण हटाने और नए ड्रेनेज चैनलों के निर्माण से जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाया जा रहा है। स्मार्ट सिटी एवं अन्य योजनाओं के तहत चल रहे कार्यों को भी स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज योजना से जोड़ा जा रहा है।
अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा ने जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में किए गए जमीनी सर्वे और तकनीकी समाधानों की जानकारी दी। जल निगम, सिंचाई विभाग एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और आपसी समन्वय से कार्य करने पर सहमति जताई।
मंडलायुक्त ने सख्त निर्देश दिए कि सभी विभाग समयबद्ध ढंग से कार्य करें और किसी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि अर्बन फ्लड नियंत्रण एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सभी संबंधित विभागों का संयुक्त दायित्व है। बैठक में निर्णय लिया गया कि नियमित अंतराल पर समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी, ताकि कार्यों की प्रगति पर सतत नजर रखी जा सके और गोरखपुर शहर को जलभराव की समस्या से स्थायी राहत मिल सके।
यह बैठक शहर को मानसून-सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।















