योगी जी की अगुवाई में गोरखपुर गूंजा ‘वंदे मातरम्’ सरदार पटेल की 150वीं जयंती और ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पर भव्य पदयात्रा, राष्ट्रप्रेम से सराबोर शहर

योगी जी की अगुवाई में गोरखपुर गूंजा ‘वंदे मातरम्’

सरदार पटेल की 150वीं जयंती और ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पर भव्य पदयात्रा, राष्ट्रप्रेम से सराबोर शहर

गोरखपुर। सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती और ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर सोमवार को गोरखपुर राष्ट्रभक्ति की लहर में डूब गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लक्ष्मी पार्क में रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। परिसर ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारों से गूंज उठा।

मुख्यमंत्री ने कहा, “रानी लक्ष्मीबाई साहस की प्रतीक, सरदार पटेल एकता के शिल्पी। पटेल ने 562 रियासतों को जोड़कर भारत को अखंड बनाया। ‘वंदे मातरम्’ हमारी आत्मा का स्वर है, जिसने स्वतंत्रता संग्राम में करोड़ों को एकजुट किया।”

ऐतिहासिक पदयात्रा का नेतृत्व

सभा के बाद सीएम योगी ने टाउनहॉल से महात्मा गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पदयात्रा शुरू की। यात्रा गोलघर, कचहरी, गणेश चौराहा, काली मंदिर होते हुए पटेल चौराहा पहुंची, जहां पटेल प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। धर्मशाला पुल, असुरन चौक से गीता वाटिका तक मार्ग में पुष्पवर्षा और स्वागत मंचों ने उत्सव को भव्य बनाया।

जनप्रतिनिधि, अधिकारी, भाजपा कार्यकर्ता, छात्र और नागरिकों की भारी भीड़ ने ‘सरदार पटेल अमर रहें’ के नारे लगाए। शहर राष्ट्रप्रेम के रंग में रंग गया।

अभेद्य सुरक्षा, रन फॉर यूनिटी

एडीजी मुथा अशोक जैन, डीआईजी एस. चनप्पा, जिलाधिकारी दीपक मीणा, एसएसपी राजकरन नय्यर सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने पैदल निगरानी की। ड्रोन, सीसीटीवी और पीएसी तैनात रही।

देशभर में ‘रन फॉर यूनिटी’ मनाया गया। सीएम ने कहा, “केवड़िया की 182 मीटर ऊंची स्टैच्यू ऑफ यूनिटी भारत के स्वाभिमान का प्रतीक। पटेल के स्वदेशी विचार आज ‘आत्मनिर्भर भारत’ में जीवंत हैं।”

‘वंदे मातरम्’: राष्ट्र की आत्मा

1876 में गूंजा यह गीत रवीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा स्वरबद्ध। सीएम ने कहा, “यह एकता का प्रतीक। कांग्रेस के समझौतों से 1947 में विभाजन हुआ, लेकिन पटेल की दूरदर्शिता ने भारत बचाया।”

‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का संकल्प

सीएम ने युवाओं से आह्वान किया, “महापुरुषों से प्रेरणा लें, राष्ट्र निर्माण में योगदान दें। राष्ट्रभक्ति संकल्प है।” शहर तिरंगे, फूलों और रोशनी से सजा। ढोल-नगाड़ों की थाप में ‘वंदे मातरम्’ गूंजता रहा।

यह पदयात्रा सरदार पटेल की श्रद्धांजलि और ‘वंदे मातरम्’ की विरासत को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनी। गोरखपुर के इतिहास में एकता की अमर मिसाल दर्ज हो गई।

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