विकास परियोजनाओं में रफ्तार: मंडलायुक्त की सख्ती से ध्वस्तीकरण और निर्माण युद्धस्तर पर, रजिस्ट्री अस्थायी ठहराव के बावजूद प्रगति बरकरार

विकास परियोजनाओं में रफ्तार: मंडलायुक्त की सख्ती से ध्वस्तीकरण और निर्माण युद्धस्तर पर, रजिस्ट्री अस्थायी ठहराव के बावजूद प्रगति बरकरार

गोरखपुर। गोरखपुर को आधुनिक महानगर बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार की प्राथमिक परियोजनाओं को गति देने के लिए मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने रविवार देर रात उच्चस्तरीय बैठक में कड़े निर्देश जारी किए। फ्लाईओवर, सड़क चौड़ीकरण और नाला निर्माण में अतिक्रमण हटाने का काम तेज हो गया है, जबकि सॉफ्टवेयर मेंटिनेंस के कारण रजिस्ट्री प्रक्रिया 8 से 11 नवंबर तक अस्थायी रूप से रुकी हुई है।

बैठक में जिलाधिकारी दीपक मीणा, नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल, जीडीए वीसी आनंद वर्धन, एसडीएम सदर दीपक गुप्ता, डिप्टी कलेक्टर एवं तहसीलदार सदर ज्ञान प्रताप सिंह, पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता तथा कानूनगो-लेखपाल मौजूद रहे। मंडलायुक्त ने स्पष्ट चेतावनी दी: “किसी भी स्तर पर देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं। प्रभावितों से संवाद बनाए रखें, मुआवजा समय से दें और निर्माण रुकने न पाए।”

रजिस्ट्री ठहराव, लेकिन फील्ड वर्क अनवरत

– सॉफ्टवेयर अपडेट का असर: एसडीएम सदर दीपक गुप्ता ने बताया कि 8-11 नवंबर तक रजिस्ट्री सॉफ्टवेयर मेंटिनेंस के चलते प्रक्रिया रुकी है। अपडेट पूरा होते ही काम दोबारा शुरू होगा।

– राजस्व टीम सक्रिय: कानूनगो-लेखपाल भूखंड सत्यापन, विवाद निस्तारण और फील्ड रिपोर्टिंग में जुटे हैं। मुख्य राजस्व अधिकारी हिमांशु वर्मा ने कहा, “तकनीकी आपत्तियां निपटाई जा रही हैं, शेष विवादों के लिए टीमें मौके पर हैं।”

– साप्ताहिक रिपोर्ट अनिवार्य: हर परियोजना की भूमि स्थिति, रजिस्ट्री प्रगति और निर्माण गति की वीकली रिपोर्ट तैयार होगी।

ध्वस्तीकरण और निर्माण में तेजी: 70% तक प्रगति

मंडलायुक्त, डीएम और नगर आयुक्त के संयुक्त निर्देश पर रजिस्ट्री ठहराव के बावजूद डिमॉलिशन और कंस्ट्रक्शन की रफ्तार नहीं थमी। नगर निगम-पीडब्ल्यूडी की संयुक्त टीमें रात-दिन काम कर रही हैं। प्रमुख प्रोजेक्ट्स पर फोकस:

असुरन-पिपराइच सिक्स लेन

नकहा, खजांची, गोरखनाथ, हडहवा फाटक फ्लाईओवर

विरासत गलियारा

-सोनबरसा-टिकरिया रोड चौड़ीकरण

-मलंगस्थान-भटहट मार्ग

प्रगति के आंकड़े

– अतिक्रमण हटाकर क्षेत्र खाली कराया जा रहा।

– प्रभावितों को पूर्व नोटिस, वैकल्पिक व्यवस्था की सलाह।

– पीडब्ल्यूडी ने मशीनरी-स्टाफ बढ़ाया, दोहरी शिफ्ट में काम।

– कई स्थलों पर अवरोधमुक्त सड़क निर्माण 70% पूरा।

– ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर समतलीकरण, डामरीकरण और नाला खुदाई तेज।

नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, ध्वस्त ढांचे ज्यादातर सरकारी भूमि या मार्ग दायरे में थे। डीएम दीपक मीणा ने जोर दिया: “प्रभावितों से संवाद, पारदर्शी रजिस्ट्री और बिचौलियों पर सख्ती।”

सख्ती की धमक: लापरवाही पर कार्रवाई

मंडलायुक्त ने चेताया, “विवादित भूखंडों पर फील्ड विजिट कर तुरंत रिपोर्ट दें। लापरवाही मिली तो जिम्मेदारी तय कर अनुशासनात्मक एक्शन।” उन्होंने कहा, “ये परियोजनाएं गोरखपुर की सूरत बदलेंगी। रजिस्ट्री रुकी हो, लेकिन निर्माण की गति नहीं रुकेगी। समन्वय ही असली ताकत है।”

प्रशासन का संदेश साफ: जन असुविधा न्यूनतम, विकास लाभ शीघ्र। शहर अब तेज रफ्तार से आधुनिकता की ओर बढ़ रहा है!

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