गांधी-शास्त्री जयंती: गोरखपुर में डीआईजी, एडीजी और मंडलायुक्त ने दी श्रद्धांजलि, आदर्श अपनाने का लिया संकल्प।
गोरखपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर गुरुवार को गोरखपुर में विभिन्न कार्यालयों में श्रद्धापूर्ण कार्यक्रम आयोजित हुए। डीआईजी, एडीजी और मंडलायुक्त ने ध्वजारोहण, माल्यार्पण और पुष्पांजलि के साथ इन महान विभूतियों को नमन किया, उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया और कर्मचारियों को प्रेरित किया।डीआईजी रेंज कार्यालय में संकल्प
डीआईजी गोरखपुर रेंज एस. चन्नप्पा ने रेंज कार्यालय में ध्वजारोहण किया और गांधी-शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, “गांधीजी का सत्य और अहिंसा पर आधारित जीवन विश्व को प्रेम और शांति का संदेश देता है। शास्त्रीजी का ‘जय जवान, जय किसान’ नारा आज भी देश की रीढ़ को मजबूत करता है।” डीआईजी ने पुलिसकर्मियों से इन आदर्शों को अपनाकर समाज में शांति और सुरक्षा स्थापित करने की अपील की। सभी अधिकारियों-कर्मचारियों ने उनके मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।एडीजी जोन ने किया सफाई कर्मचारियों का सम्मान
एडीजी जोन मुथा अशोक जैन ने जोन कार्यालय में ध्वजारोहण और पुष्पांजलि के बाद सफाई कर्मचारियों को गिफ्ट देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा, “गांधीजी के लिए स्वच्छता जीवन का अभिन्न अंग थी। सफाई कर्मी समाज के स्वास्थ्य के असली नायक हैं।” उन्होंने गांधीजी की अहिंसा और शास्त्रीजी की सादगी को प्रेरणा का स्रोत बताया और अधिकारियों से निष्ठा व ईमानदारी से कर्तव्य निभाने को कहा। जोन कार्यालय के कर्मचारियों ने भी इन आदर्शों को अपनाने की शपथ ली।मंडलायुक्त ने लिया राष्ट्र निर्माण का संकल्प
मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने अपने कार्यालय में ध्वजारोहण और पुष्पांजलि अर्पित कर गांधी-शास्त्री को नमन किया। उन्होंने कहा, “गांधीजी ने सत्य और सेवा से विश्व को नई दिशा दी, जबकि शास्त्रीजी की सादगी और ‘जय जवान, जय किसान’ नारा आज भी प्रासंगिक है।” कर्मचारियों को गिफ्ट देकर सम्मानित करते हुए उन्होंने राष्ट्र निर्माण के लिए उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया। अपर आयुक्त प्रशासन रामाश्रय, अपर आयुक्त न्यायिक जयप्रकाश, अजय कुमार राय सहित अन्य ने पुष्प अर्पित किए।ये आयोजन गोरखपुर में गांधी और शास्त्री के सत्य, अहिंसा, सादगी और सेवा के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम बने।















