फ्री मेडिकल कैंप: जरूरतमंदों की मुस्कान बिखेरी डॉ. जेपी सिंह मेमोरियल हॉस्पिटल

फ्री मेडिकल कैंप: जरूरतमंदों की मुस्कान बिखेरी डॉ. जेपी सिंह मेमोरियल हॉस्पिटल

गोरखपुर। गोरखपुर शहर की हृदयस्थली में बसा डॉ. जेपी सिंह मेमोरियल हॉस्पिटल रविवार को एक नेक पहल का केंद्र बन गया। यहां आयोजित फ्री मेडिकल हेल्थ कैंप ने करीब ढाई सौ जरूरतमंदों को न केवल दवाइयां और इलाज का तोहफा दिया, बल्कि जीवन रक्षक सलाहों की बारिश भी कराई। यह कैंप सिर्फ एक चिकित्सा शिविर नहीं था, बल्कि आशा की किरण था, जहां गरीब और असहाय लोग बिना किसी बोझ के स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सके। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने मरीजों की गहन जांच की, दवाइयां वितरित कीं और भविष्य की बीमारियों से बचाव के उपाय बताए। इस आयोजन ने स्थानीय लोगों के दिलों में अस्पताल की प्रतिष्ठा को और मजबूत कर दिया।

कैंप की शुरुआत बच्चों के स्वास्थ्य पर केंद्रित रही। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ईशांत सिंह ने छोटे-छोटे फरिश्तों की परेशानियों को समझा और परिजनों को जागरूक किया। उन्होंने बताया कि बच्चों में भूख न लगना, खून की कमी या कुपोषण जैसी समस्याएं अक्सर पोषण की कमी या असावधानी से जन्म लेती हैं। “बच्चों का टीकाकरण समय पर करवाएं, इलाज में कोई देरी न करें,” डॉ. ईशांत ने जोर देकर कहा। मौसम बदलने के इस दौर में बुखार, डायरिया जैसे रोग बच्चों को अपनी चपेट में ले रहे हैं। यदि इनका समय रहते इलाज न हो, तो ये छोटी परेशानियां गंभीर रूप धारण कर सकती हैं। डॉ. ईशांत ने कई बच्चों की जांच की और परिजनों को घरेलू उपचार व स्वच्छता के टिप्स दिए, जिससे माता-पिता की चिंताएं कम हुईं।

महिलाओं के लिए यह कैंप विशेष रूप से उपयोगी साबित हुआ। महिला एवं प्रसव रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवांगी सिंह ने करीब 40 महिलाओं का चेकअप किया। उन्होंने खुलकर बात की कि मासिक धर्म की अनियमितताएं, ल्यूकोरिया जैसी बीमारियां महिलाएं अक्सर शर्म या लापरवाही से छुपा लेती हैं, जो बाद में गंभीर रूप ले सकती हैं। “समय रहते डॉक्टर से संपर्क करें, इलाज आसान हो जाता है,” डॉ. शिवांगी ने सलाह दी। उनकी बातों ने महिलाओं में जागरूकता का संचार किया, और कई ने तुरंत अपनी परेशानियां साझा कीं।

सामान्य मरीजों के लिए डॉ. यू.सी. सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी जांच में कई रोगियों को सर्जरी की सलाह दी गई। “लापरवाही से छोटी बीमारी ऑपरेशन की नौबत ला देती है। समय पर इलाज करवाएं, तो जोखिम कम हो जाता है,” उन्होंने समझाया। डॉ. दीपक चंद्र श्रीवास्तव ने भी मरीजों को दवाइयां देकर उचित सलाह दी, जिससे हर कोई संतुष्ट नजर आया। कैंप में मरीजों की खुशी साफ झलक रही थी। सबिया खातून, सुनीता, मनीता, पूनम पवार, विजय शंकर, मानवेंद्र, भुलई, अवध नारायण, राकेश, आजाद, रामस्वरूप, मोहम्मद खालिद, निशा, प्रतिभा, रानू सिंह जैसे कई लाभार्थियों ने अस्पताल का आभार जताया। “यह कैंप हमारे लिए वरदान है,” सबिया खातून ने कहा।

यह फ्री मेडिकल कैंप न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को मजबूत करने वाला था, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक भी।

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