झूठी चोरी की सूचना ने उड़ाई पुलिस की नींद, सख्त कार्रवाई की चेतावनी
संतकबीरनगर।। संतकबीरनगर के खलीलाबाद में एक ऐसी घटना ने सबका ध्यान खींचा, जो पहले तो सनसनीखेज लगी, मगर जांच में झूठ का पर्दाफाश हुआ। 13 सितंबर 2025 को मोहम्मद सलमान, निवासी निमावा अमावा, ने कोतवाली खलीलाबाद में शिकायत दर्ज की कि उनकी बहन को बंधक बनाकर उनके घर में अज्ञात चोरों ने चोरी की। इस खबर ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया। प्रभारी निरीक्षक पंकज कुमार पाण्डेय ने तुरंत पुलिस बल के साथ घटनास्थल का मुआयना किया। मगर जैसे ही जांच शुरू हुई, मामला संदिग्ध नजर आया।
शिकायतकर्ता और उनके परिवार से सख्ती से पूछताछ करने पर सच्चाई सामने आई। मोहम्मद असलम, सलमान के भाई, ने बताया कि उनकी बहन की मानसिक स्थिति पहले से ठीक नहीं थी और उसका कई बार झाड़-फूंक व इलाज कराया गया था। उस दिन सुबह से वह उदास थी। घर में झाड़ू लगाने के दौरान उसने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और सामान तोड़-फोड़ कर बिखेर दिया। परिवार के लोग जब घर पहुंचे तो दरवाजा बंद होने की वजह से खिड़की के रास्ते अंदर गए। वहां बहन बेहोश पड़ी थी और सामान बिखरा हुआ था। जल्दबाजी में परिवार ने बिना सामान की जांच किए चोरी और बंधक बनाने की सूचना थाने में दे दी। लेकिन बाद में पता चला कि कोई चोरी हुई ही नहीं सारा सामान घर में ही मौजूद था।
14 सितंबर 2025 को मोहम्मद असलम ने थाने में लिखित माफी मांगते हुए कोई कानूनी कार्रवाई न करने का निवेदन किया। पुलिस ने उनका माफीनामा स्वीकार कर लिया, मगर इस घटना ने एक गंभीर संदेश दिया।
एसपी संदीप मीना ने साफ चेतावनी दी कि झूठी और भ्रामक सूचनाएं न केवल सामाजिक व्यवस्था को बिगाड़ती हैं, बल्कि पुलिस के संसाधनों का दुरुपयोग भी करती हैं। ऐसी सूचनाएं जनता में भय और भ्रम फैलाती हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि कोई भी सूचना देने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि करें। झूठी शिकायत देने वालों पर कठोर कार्रवाई होगी, जिसमें छह माह से दो वर्ष तक की जेल और पांच हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
पुलिस ने जनता को भरोसा दिलाया कि शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए वे पूरी तरह कटिबद्ध हैं। इस घटना ने सबक दिया कि जल्दबाजी में दी गई गलत सूचना न केवल समय की बर्बादी है, बल्कि कानूनी मुसीबत भी खड़ी कर सकती है।















