पूर्वांचल में मेडिकल शिक्षा की नई उड़ान: संतकबीरनगर में बी फार्मा और बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई शुरू
संतकबीरनगर: पूर्वांचल के छात्रों के लिए मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में एक स्वर्णिम अवसर सामने आया है। चतुर्वेदी परिवार द्वारा संचालित सूर्या कॉलेज ऑफ फार्मेसी, मीरगंज, अब डी फार्मा के साथ-साथ बी फार्मा (बैचलर ऑफ फार्मेसी) की कक्षाएं शुरू करने जा रहा है। इसके अलावा, समूह का दूसरा संस्थान, एसआर अस्पताल और पैरामेडिकल कॉलेज, बीएससी नर्सिंग (बैचलर ऑफ साइंस इन नर्सिंग) और जीएनएम (जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी) पाठ्यक्रम शुरू करेगा। यह पहल संतकबीरनगर को मेडिकल शिक्षा का नया केंद्र बनाएगी, जिससे स्थानीय छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा के लिए अन्य शहरों का रुख न करना पड़े।
सूर्या कॉलेज ऑफ फार्मेसी: उत्कृष्टता की मिसाल
पिछले दो वर्षों से सूर्या कॉलेज ऑफ फार्मेसी अपने डी फार्मा पाठ्यक्रम में शानदार परिणामों के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का परचम लहरा रहा है। यहां के छात्रों ने न केवल अकादमिक रूप से उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, बल्कि फार्मेसी और मेडिकल क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति भी दर्ज की है। इस सफलता से प्रेरित होकर, कॉलेज प्रबंधन ने बी फार्मा पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, और नया शैक्षणिक सत्र 30 सितंबर 2025 से शुरू होगा। बी फार्मा पाठ्यक्रम चार वर्षीय होगा, जिसमें फार्माकोलॉजी, मेडिसिनल केमिस्ट्री और फार्मास्यूटिकल एनालिसिस जैसे विषय शामिल होंगे।
एसआर अस्पताल और पैरामेडिकल कॉलेज: नर्सिंग में नया आयाम
एसआर अस्पताल और पैरामेडिकल कॉलेज, जो पहले से ही डी फार्मा पाठ्यक्रम संचालित कर रहा है, अब बीएससी नर्सिंग और जीएनएम की पढ़ाई शुरू करेगा। ये पाठ्यक्रम स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक छात्रों के लिए सुनहरा अवसर हैं। बीएससी नर्सिंग चार वर्षीय पाठ्यक्रम है, जिसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के साथ 10+2 उत्तीर्ण छात्र प्रवेश ले सकते हैं। जीएनएम पाठ्यक्रम भी नर्सिंग के क्षेत्र में प्रशिक्षित पेशेवर तैयार करेगा। दोनों पाठ्यक्रम 30 सितंबर 2025 से शुरू होंगे।
प्रबंधन की प्रतिबद्धता
कॉलेज के प्रबंधक डॉ. उदय ने कहा, “हमारा लक्ष्य संतकबीरनगर और पूर्वांचल में मेडिकल शिक्षा को नई ऊंचाइयों तक ले जाना है। स्थानीय छात्रों को अपने जिले में ही विश्वस्तरीय शिक्षा प्रदान करना हमारी प्राथमिकता है। बी फार्मा और नर्सिंग पाठ्यक्रमों की शुरुआत से छात्र अपने सपनों को साकार कर सकेंगे।” उन्होंने बताया कि दोनों संस्थानों में आधुनिक प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय और अनुभवी शिक्षक उपलब्ध हैं, जो छात्रों को व्यावहारिक और सैद्धांतिक ज्ञान प्रदान करेंगे।
पूर्वांचल के लिए गौरव
यह पहल न केवल संतकबीरनगर के छात्रों के लिए, बल्कि पूरे पूर्वांचल क्षेत्र के लिए मेडिकल शिक्षा में एक क्रांतिकारी कदम है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्र स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा।















