कर्ज न चुकाने के लिए दोस्तों ने की दोस्त की हत्या, अवैध पिस्टल से मारी गोली
आयुष सिंह की हत्या में तीन दोस्त गिरफ्तार, पिस्टल सप्लायर की तलाश जारी
35 हजार में गाजीपुर से खरीदी गई थी पिस्टल
परिवार सदमे में, भाई ने बताया- कर्ज की वसूली बना हत्या का कारण
संतकबीरनगर। खलीलाबाद में 23 वर्षीय आयुष सिंह उर्फ संगम की हत्या उनके ही दोस्तों ने कर्ज न चुकाने की नीयत से की। मुख्य आरोपी आदर्श शुक्ला ने अपने करीबी दोस्त से 35 हजार रुपये में गाजीपुर के नंदगंज से अवैध 32 बोर पिस्टल मंगवाई और आयुष के सीने में गोली मार दी। पुलिस ने तीनों आरोपियों आदर्श शुक्ला (26, मरवटिया, बस्ती), सिद्धार्थ सिंह (अभयपुरा, कप्तानगंज) और शिवम पासवान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पिस्टल सप्लायर रोहित की तलाश जारी है।
कोतवाल पंकज कुमार पांडेय के अनुसार, आदर्श ने पूछताछ में बताया कि उसने आयुष से 10 लाख और सिद्धार्थ ने 5-6 लाख रुपये जिम खोलने के लिए उधार लिए थे। आयुष बार-बार कर्ज वापसी की मांग कर रहा था, जिससे बचने के लिए दोनों टालमटोल कर रहे थे। 19 अगस्त की रात करीब 9 बजे, आरोपियों ने आयुष को राज ग्लोबल स्कूल के पास बुलाया और थार गाड़ी में ही पिस्टल से गोली मार दी। बचाव का दिखावा करने के लिए उसे पहले भुजैनी के एक निजी अस्पताल और फिर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित किया गया।
आयुष के भाई पीयूष सिंह ने बताया कि आयुष परिवार का बड़ा बेटा था और माता-पिता की उम्मीदों का केंद्र था। 19 अगस्त को थार गाड़ी की किश्त जमा करने के लिए वह कर्ज की वसूली के लिए निकला था। उन्हें नहीं पता था कि दोस्त ही उनकी हत्या कर देंगे।
एसपी संदीप कुमार मीना ने बताया कि पिस्टल सप्लायर की पहचान हो चुकी है और उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। यह मामला दोस्ती के रिश्ते को कलंकित करने वाला है, जिसमें कर्ज के दबाव ने हत्या जैसे जघन्य अपराध को जन्म दिया।















