रविवार को मांसाहार की होड़, विशेषज्ञों ने दी सावधानी की सलाह।
गोरखपुर। सावन महा से एक महीने से मांसाहार से दूरी बनाए लोगों ने जोरदार तैयारी की है। होटलों और दुकानों पर पहले से 750 क्विंटल से अधिक का आर्डर बुक हो चुका है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अचानक तेल-मसाले और मांसाहार का अधिक सेवन पेट संबंधी बीमारियों, खासकर एसिडिटी का कारण बन सकता है।
बरसात के मौसम में चटपटा खाने का मन करता है। शाकाहारी पनीर-मशरूम पर फोकस कर रहे हैं, जबकि मांसाहारी मुर्गा, बकरी, या मछली की ओर आकर्षित हैं। लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में नमी के कारण बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपते हैं, जिससे फूड प्वाइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है। कमजोर पाचन वाले लोगों में मांसाहार से पेट दर्द, भारीपन, और ब्लोटिंग हो सकती है। अंडों में साल्मोनेला, रेड मीट में नमी, और शेलफिश में प्रदूषित पानी से संक्रमण का जोखिम अधिक है।
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. धीरज सिंघानिया ने सलाह दी कि लंबे गैप के बाद मांसाहार शुरू करें तो अंडा, मछली, या पोल्ट्री चुनें, इन्हें अच्छी तरह पकाएं। रेड मीट और सी-फूड से परहेज करें। शुरुआत हल्के भोजन से करें, मसालेदार-तैलीय खाने से बचें, और एक साथ अधिक न खाएं। स्वास्थ्य समस्या होने पर डॉक्टर से सलाह लें।















