वन दरोगा की लूट की झूठी कहानी बेनकाब।
संतकबीरनगर। गोरखपुर में तैनात वन दरोगा अजब सिंह चौधरी ने गायब सीयूजी मोबाइल की वजह से विभागीय कार्रवाई के डर से लूट की फर्जी कहानी रच डाली। यूट्यूब और डायल 112 में तैनात एक दोस्त की मदद से झूठी स्क्रिप्ट तैयार की, लेकिन पुलिस की गहन जांच में सच्चाई सामने आ गई।
पांच अगस्त की रात 11 बजे अजब सिंह ने डायल 112 पर सूचना दी कि महुली क्षेत्र के मैनसिर के पास दो बदमाशों ने उनकी सोने की चेन, अंगूठी और सीयूजी मोबाइल लूट लिया। वह बाइक से जौनपुर के अपने गांव जा रहे थे। सूचना पर पुलिस तुरंत सक्रिय हुई। एसपी संदीप कुमार मीना, एएसपी सुशील कुमार सिंह और सीओ प्रियंवद राज शेखर मौके पर पहुंचे।
जांच में लूट की कहानी संदिग्ध लगी। अजब सिंह की अंगुली और गले में चेन या अंगूठी के निशान नहीं मिले। उनके पास प्राइवेट मोबाइल था, जिससे उन्होंने सूचना दी। पुलिस ने कुरेद-कुरेद कर पूछताछ की तो वन दरोगा ने सच उगल दिया।
अजब सिंह ने बताया कि उनकी तैनाती औरैया में थी, और हाल में गोरखपुर स्थानांतरण हुआ। 28 जुलाई को औरैया से गोरखपुर जाते समय कानपुर देहात के पास उनका सीयूजी मोबाइल गायब हो गया। विभागीय कार्रवाई के डर से उन्होंने लूट की कहानी गढ़ी। यूट्यूब पर सर्च और दोस्त से सलाह लेकर स्क्रिप्ट बनाई। जांच में पता चला कि सीयूजी की अंतिम लोकेशन दिल्ली में थी, जो चार अगस्त से बंद है।
एसपी संदीप कुमार मीना ने बताया कि झूठी सूचना देकर पुलिस को गुमराह करने के लिए वन दरोगा के खिलाफ कार्रवाई हेतु डीएफओ गोरखपुर को पत्र भेजा जाएगा। इस घटना ने पुलिस की सतर्कता और जांच की ताकत को उजागर किया।















