बस्ती में बैंक मैनेजर अपहरण कांड का खुलासा: पुलिस मुठभेड़ में 25,000 इनामी गौतम सिंह और अनुज प्रताप सिंह गिरफ्तार।
बस्ती: परशुरामपुर, वाल्टरगंज, और दुबौलिया थानों की पुलिस, स्वाट, एसओजी, और सर्विलांस सेल की संयुक्त कार्रवाई में ग्रामीण बैंक जीतीपुर के शाखा प्रबंधक रवि तिवारी और सह-प्रबंधक रसिक भारती को बंधक बनाकर मारपीट और लूटपाट करने वाले दो इनामी बदमाशों को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त गौतम सिंह (26, तावेपुर, छपिया, गोण्डा) और अनुज प्रताप सिंह उर्फ मुरारी सिंह (नगरा पूरे बदली, छावनी, बस्ती) पर 25,000 रुपये का इनाम था। दोनों के पैरों में मुठभेड़ के दौरान गोली लगी, और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना का विवरण: 21 जून 2025 को ग्रामीण बैंक जीतीपुर के शाखा प्रबंधक रवि तिवारी और फील्ड ऑफिसर रसिक भारती को परशुरामपुर के ऋंगीनारी के पास चार बदमाशों ने अपहरण कर लिया। बदमाशों ने उनकी कार (UP 42 AA 2915) को रोककर दोनों को बंधक बनाया, श्मशान घाट पर ले जाकर मारपीट की, और उनके गहने (सोने की चेन, दो अंगूठियां), 5,500 रुपये नकद, और एटीएम कार्ड छीन लिए। बदमाशों ने जबरन एटीएम से ट्रांजेक्शन भी किए। 22 जून की रात 1:30 बजे बदमाशों ने दोनों को सुनसान जगह पर छोड़ दिया। रवि तिवारी की तहरीर पर थाना परशुरामपुर में मुकदमा संख्या 188/2025, धारा 309(6), 351(2) BNS दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक बस्ती ने अभियुक्तों पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया था।
पुलिस कार्रवाई: 23 जून 2025 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दो अलग-अलग मुठभेड़ों में अभियुक्तों को पकड़ा। पहली मुठभेड़ दोपहर 12:27 बजे सिकंदरपुर चौकी के हैदराबादपुर गांव में हुई, जहां गौतम सिंह ने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। दूसरी मुठभेड़ दोपहर 1:45 बजे दुबौलिया थाना क्षेत्र के सरवरपुर में हुई, जहां अनुज प्रताप सिंह ने गोली चलाई और जवाबी फायरिंग में घायल हो गया। दोनों को अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
बरामदगी: गौतम सिंह से एक 315 बोर तमंचा, एक जिंदा और एक खोखा कारतूस, 10,500 रुपये नकद, और बिना नंबर प्लेट का वाहन बरामद हुआ। अनुज से एक 12 बोर तमंचा, एक खोखा कारतूस, और टीवीएस राइडर मोटरसाइकिल (UP 51 BU 2844) बरामद की गई।
पुलिस की रणनीति: पुलिस अधीक्षक बस्ती के निर्देशन में गठित संयुक्त टीम ने सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से अभियुक्तों का पता लगाया। पुलिस अब अन्य दो अज्ञात अभियुक्तों और अभिमन्यु सिंह की तलाश में छापेमारी कर रही है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि गौतम और अनुज संगठित अपराध में लिप्त थे, और उनके आपराधिक इतिहास की गहन जांच की जा रही है।
टीम का नेतृत्व: कार्रवाई में थानाध्यक्ष परशुरामपुर भानु प्रताप सिंह, थानाध्यक्ष दुबौलिया प्रदीप कुमार सिंह, थानाध्यक्ष वाल्टरगंज उमाशंकर त्रिपाठी, स्वाट प्रभारी संतोष गौड़, एसओजी प्रभारी चंद्रकांत पांडेय, और सर्विलांस सेल प्रभारी शशिकांत के साथ कई अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।
प्रभाव: इस कार्रवाई ने बस्ती में अपराधियों के बीच खौफ पैदा किया है। स्थानीय लोगों ने पुलिस की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की सराहना की, जिसने बैंक कर्मियों में दहशत फैलाने वाली इस सनसनीखेज वारदात का 48 घंटे से कम समय में खुलासा कर दिया।















