दृढ़ इच्छाशक्ति से यूपी में बदली कानून व्यवस्था: राजेश पांडेय
गोरखपुर: उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था में आए सकारात्मक बदलाव का श्रेय दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति को जाता है। यह बात सेवानिवृत्त वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और यूपीडा के नोडल सिक्योरिटी ऑफिसर राजेश पांडेय ने गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब द्वारा आयोजित ‘कितनी बदली कानून व्यवस्था’ विषय पर संवादपरक विमर्श में कही। रविवार को गोरखपुर डायलॉग की संवाद श्रृंखला के तहत हुए इस आयोजन में पांडेय ने कहा कि तकनीक, इंफ्रास्ट्रक्चर, और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दृढ़ इच्छाशक्ति ने यूपी को संगठित अपराध से मुक्ति दिलाई है।
‘सुपरकॉप’ के नाम से मशहूर राजेश पांडेय, जो यूपी पुलिस की एसटीएफ और एटीएस के संस्थापक सदस्यों में से एक रहे और कुख्यात अपराधी श्रीप्रकाश शुक्ला के एनकाउंटर में शामिल थे, ने बताया कि आज प्रदेश में माफिया और संगठित अपराध का भय खत्म हो चुका है। सीसीटीएनएस, इलेक्ट्रॉनिक मॉनिटरिंग, और सीसीटीवी के व्यापक उपयोग से पिछले कुछ वर्षों में 72% आपराधिक घटनाओं का अनावरण हुआ है। 2019 के बाद शुरू हुए ‘हाफ एनकाउंटर’ और 2020-2025 के बीच सजा दिलाने की दर में उल्लेखनीय वृद्धि ने कानून के प्रति भय और जनता का विश्वास बढ़ाया है।
पांडेय ने कहा कि पहले अपराधी बेखौफ थे, लेकिन आज वे स्वयं भयभीत हैं। पुलिस की पीआरवी का रिस्पांस टाइम सुधरने और कल्याण सिंह के बाद योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पुलिस का इकबाल बुलंद हुआ है। उन्होंने 90 के दशक में श्रीप्रकाश शुक्ला के आतंक और उसके खात्मे से जुड़े रोचक किस्से भी साझा किए।
आयोजन में पांडेय ने अपनी पुस्तकें ‘ऑपरेशन बजूका’, ‘वर्चस्व’, और ‘बैज एंड बुलेट’ प्रेस क्लब को भेंट कीं। प्रेस क्लब अध्यक्ष रीतेश मिश्र ने उनके व्यक्तित्व और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला, जिसमें वीरता और शांति के लिए राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार शामिल हैं। पत्रकार रजनीश श्रीवास्तव के पुत्र अनमोल ने पांडेय को उनकी बनाई पोर्ट्रेट भेंट की। उपाध्यक्ष भूपेंद्र द्विवेदी, महामंत्री पंकज श्रीवास्तव, और बड़ी संख्या में पत्रकारों ने पुष्प गुच्छ, अंगवस्त्र, और स्मृति चिन्ह देकर पांडेय का अभिनंदन किया।















