15 साल पुराना बेलहर कब्रिस्तान विवाद: पूर्व विधायक राकेश सिंह बघेल दोषमुक्त।
संतकबीरनगर, : मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/एमपी-एमएलए कोर्ट की न्यायाधीश चेतना त्यागी ने बखिरा क्षेत्र के 15 साल पुराने बेलहर कब्रिस्तान विवाद मामले में पूर्व विधायक राकेश सिंह बघेल को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। यह फैसला बुधवार को सुनाया गया, जिससे लंबे समय से चल रहे इस विवादास्पद मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया।
मामले की शुरुआत 27 मार्च 2010 को हुई, जब उपनिरीक्षक लाल जी ने बखिरा थानाध्यक्ष को तहरीर दी थी। तहरीर के अनुसार, मेंहदावल तहसीलदार द्वारा गठित एक टीम, जिसमें नायब तहसीलदार, कानूनगो, और लेखपाल शामिल थे, बेलहर कला गांव में कब्रिस्तान विवाद को सुलझाने के लिए पैमाइश करने गई थी। आरोप था कि पूर्व विधायक राकेश सिंह बघेल और उनके समर्थकों ने पैमाइश का विरोध किया, भड़काऊ भाषण दिए, और प्रशासन व पुलिस को उकसाया। इस दौरान मार्ग अवरुद्ध हुआ, सीओ की गाड़ी का शीशा तोड़ा गया, और दुकानों व गुमटियों में तोड़फोड़ कर सामान क्षतिग्रस्त किया गया।
बखिरा पुलिस ने उसी दिन मामला दर्ज किया, और विवेचना के बाद 47 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। 19 अगस्त 2023 को कोर्ट ने 42 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया था, जबकि तीन आरोपियों की मृत्यु हो चुकी थी। राकेश सिंह बघेल की पत्रावली को अलग कर दिया गया था।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता रवीश श्रीवास्तव ने बताया कि कोर्ट ने पूर्व विधायक के खिलाफ ठोस साक्ष्य न पाए जाने पर उन्हें दोषमुक्त किया। यह फैसला न केवल राकेश सिंह बघेल के लिए राहत भरा है, बल्कि लंबे समय से चले आ रहे इस मामले को भी समाप्त करता है। ग्रामीणों और स्थानीय नेताओं में इस फैसले को लेकर चर्चा तेज है। कोर्ट का यह निर्णय न्यायिक प्रक्रिया में साक्ष्य की महत्ता को रेखांकित करता है।















