गीडा में लापरवाही पर भड़के मंत्री नंदी, त्वरित सुधार के निर्देश
औद्योगिक विकास की गति तेज, गीडा बन रहा निवेश का केंद्र
गोरखपुर: शनिवार को उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी ने गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) कार्यालय और दो फैक्ट्रियों का निरीक्षण किया। इस दौरान ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज सूचनाओं और पत्रावलियों में अंतर, अपूर्ण डाक रजिस्टर, और कार्यों में देरी पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। मंत्री ने यूपीडेस्को की नामित संस्था को चेतावनी देते हुए कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
मंत्री ने अधिकारियों से पूछा कि पोर्टल और पत्रावलियों में सूचनाओं में अंतर क्यों है, जिसका कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। डाक रजिस्टर की खामियों पर उन्होंने जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया। उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए इंजीनियरों का वाट्सएप ग्रुप बनाने और एनओसी, कम्प्लीशन सर्टिफिकेट, मैप अप्रूवल जैसे कार्यों को समयबद्ध पूरा करने की हिदायत दी।
गीडा सभागार में समीक्षा बैठक
गीडा सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने गीडा के विकास कार्यों और प्रस्तावित योजनाओं का जायजा लिया। लीज रेंट, मैप अप्रूवल और अन्य कार्यों में निर्धारित लक्ष्य से कम धनराशि प्राप्त होने पर इसे बढ़ाने के निर्देश दिए। भूमि अधिग्रहण, मास्टर प्लान और डेवलपमेंट कार्यों में व्यय बढ़ाने पर जोर दिया।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गोरखपुर सड़क, रेल और एयर कनेक्टिविटी में मजबूत हुआ है। शिक्षा में चार विश्वविद्यालय, स्वास्थ्य में एम्स और बीआरडी मेडिकल कॉलेज की सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं, और उद्योग में गीडा का विस्तार इसे निवेश का हब बना रहा है। पेप्सिको, कोकाकोला, टाटा मोटर्स, अमूल इंडिया, श्री सीमेंट, अपोलो ट्यूब्स, एसएलएमजी पीईटी प्लांट और कपिला कृषि उद्योग जैसी कंपनियों को 3,27,313 वर्ग मीटर में 85 औद्योगिक भूखंड आवंटित किए गए हैं, जो रोजगार और विकास को गति देंगे।
बिजली आपूर्ति के लिए नया उपकेंद्र
मंत्री ने बिजली आपूर्ति की समस्या के समाधान के लिए गीडा में नया विद्युत उपकेंद्र बनाने की घोषणा की। इसके लिए भूमि उपलब्ध कराने और बिजली निगम के साथ समन्वय के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धुरियापार और एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्र गोरखपुर के औद्योगिक परिदृश्य को बदल रहे हैं।
उद्यमियों की समस्याएं सुनीं
मंत्री ने उद्यमी संगठनों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और ज्ञापन स्वीकार किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी मुद्दों का प्राथमिकता से समाधान होगा। बैठक में गीडा की सीईओ अनुज मलिक, एसीईओ आरडी पांडेय, ओएसडी अनुपम मिश्रा, महाप्रबंधक वित्त प्रवीण कुमार सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक वित्त सत्यपाल भाटी, वित्त एवं लेखाधिकारी विभोर त्यागी, विधि अधिकारी अशोक कुमार उपाध्याय, प्रबंधक संपत्ति मयंक मंगल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
मंत्री ने कहा कि गोरखपुर अब केवल पूर्वांचल का प्रवेश द्वार नहीं, बल्कि उद्योग, शिक्षा और स्वास्थ्य का एक मजबूत केंद्र बन चुका है। गीडा के त्वरित विकास से यह क्षेत्र निवेशकों के लिए और आकर्षक होगा, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और गोरखपुर का आर्थिक परिदृश्य सशक्त होगा।















