संतकबीरनगर में नई रेल लाइन: 80 पक्के निर्माण होंगे ध्वस्त, 150 किसान प्रभावित।
संतकबीरनगर: खलीलाबाद से बहराइच तक प्रस्तावित 240 किलोमीटर की नई रेल लाइन के पहले चरण में खलीलाबाद से बांसी तक 54 किलोमीटर का कार्य तेजी से चल रहा है। इस परियोजना की जद में संतकबीरनगर जिले में 80 से अधिक पक्के निर्माण, जैसे मकान, दुकान, टिनशेड, खपरैल और बाउंड्रीवाल आ रहे हैं, जिन्हें मुआवजा वितरण के बाद ध्वस्त किया जाएगा। इससे करीब 150 किसान प्रभावित होंगे। पीडब्लूडी ने सर्वे पूरा कर जिला प्रशासन को रिपोर्ट सौंप दी है।
24 अक्टूबर 2018 को इस परियोजना को मंजूरी मिली थी, और 2 मार्च 2019 को तत्कालीन केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल व रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने इसका शिलान्यास किया। रेल लाइन संतकबीरनगर के 54, सिद्धार्थनगर के 93, बलरामपुर के 65, श्रावस्ती के 30 और बहराइच के 19 गांवों से होकर गुजरेगी। संतकबीरनगर में 75 प्रतिशत किसानों को मुआवजा बांटा जा चुका है। एडीएम (वित्त एवं राजस्व) जयप्रकाश ने बताया कि सर्वे रिपोर्ट का आंकलन कर मूल्यांकन जल्द कराया जाएगा, जिसके बाद बाकी प्रभावितों को मुआवजा दिया जाएगा।
रेलवे प्रोजेक्ट इंजीनियर रवींद्र मेहरा ने बताया कि खलीलाबाद से बांसी के बीच टेंडर हो चुका है। खलीलाबाद, मड़या, चांदीडीहा और देवापार में दांचा निर्माण शुरू हो गया है। बघौली, मेंहदावल, बखिरा, पसाई, खेसरहा और बांसी में स्टेशन बनेंगे, जबकि खलीलाबाद, मेंहदावल, पसाई और बांसी में रेलवे ओवरब्रिज भी तैयार होंगे। मिट्टी कार्य, पुल, पुलिया, अंडरपास और स्टेशन के टेंडर हो चुके हैं। पचेठी के पास मिट्टी की पटाई का काम जोरों पर है।
संतकबीरनगर के चांदीडीहा, बघौली, मलोरना, देवापार, नाऊडांड़, झीनखाल, चिडापार, गौरा, लोरिकबारी, परसोहिया, बड़हरा, तरकुलवा, मदरहा, सई बुजुर्ग, सरैया, टड़वा, समदा, और गोईठहा में प्रभावित परिसंपत्तियां चिह्नित की गई हैं। यह रेल लाइन क्षेत्र के विकास को नई गति देगी, लेकिन प्रभावित किसानों के पुनर्वास और मुआवजे पर प्रशासन की विशेष नजर है। यह परियोजना न केवल यातायात सुविधा बढ़ाएगी, बल्कि रोजगार सृजन और आर्थिक प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।















