सूर्या इंटरनेशनल स्कूल में मातृ शक्ति का सम्मान, मदर्स डे समारोह में छलके भावनाओं के रंग
संतकबीरनगर। सूर्या इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में रविवार को आयोजित मदर्स डे समारोह भावनाओं, संस्कारों और मातृ सम्मान का अनुपम संगम बन गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में बच्चों ने अपनी माताओं के प्रति श्रद्धा, प्रेम और सम्मान प्रकट कर ऐसा भावुक वातावरण निर्मित किया कि उपस्थित अभिभावकों की आंखें नम हो उठीं। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों की सुंदर झलक देखने को मिली।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ गरिमामयी शुभारंभ
समारोह का शुभारंभ विद्यालय के प्रबंध निदेशक डॉ. उदय प्रताप चतुर्वेदी, प्रबंध निदेशिका सविता चतुर्वेदी, एस.आर. एकेडमी के प्रबंध निदेशक राकेश चतुर्वेदी, शिखा चतुर्वेदी तथा प्रधानाचार्य रविनेश श्रीवास्तव द्वारा मां सरस्वती एवं विद्यालय के संस्थापक स्मृतिशेष पं. सूर्य नारायण चतुर्वेदी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर किया गया। मंच से मातृ शक्ति के सम्मान में व्यक्त विचारों ने पूरे वातावरण को भावनात्मक ऊंचाई प्रदान की।
बच्चों के सम्मान भाव ने जीत लिया सभी का दिल
विद्यालय के प्लेवे से लेकर वरिष्ठ कक्षाओं तक के छात्र-छात्राओं ने अपनी माताओं को तिलक लगाकर, पुष्प अर्पित कर और चरण स्पर्श कर सम्मानित किया। बच्चों के इस आत्मीय व्यवहार ने कार्यक्रम को अत्यंत भावुक बना दिया। माताओं के चेहरे पर गर्व और खुशी साफ झलक रही थी। बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों और भावपूर्ण अभिव्यक्तियों ने समारोह को यादगार बना दिया।
“मां ही जीवन की पहली पाठशाला”
समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. उदय प्रताप चतुर्वेदी ने कहा कि मां ही बच्चे की प्रथम शिक्षिका होती है, जो उसे संस्कार, नैतिकता और कर्तव्य का बोध कराती है। सविता चतुर्वेदी ने कहा कि मां त्याग, प्रेम और समर्पण की जीवंत प्रतिमूर्ति है। वहीं राकेश चतुर्वेदी ने कहा कि बच्चों के श्रेष्ठ चरित्र निर्माण में मां के संस्कारों की सबसे बड़ी भूमिका होती है। प्रधानाचार्य रविनेश श्रीवास्तव ने मां को जीवन का सबसे बड़ा प्रेरणा स्रोत बताया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन की ओर से सभी अभिभावकों एवं बच्चों के लिए स्वादिष्ट नाश्ते और भोजन की विशेष व्यवस्था की गई।















