चौरी चौरा तहसील में पानी का संकट: अधिवक्ता-वादकारी परेशान, मरम्मत की मांग।
गोरखपुर
गोरखपुर के चौरी चौरा तहसील परिसर में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट ने अधिवक्ताओं और वादकारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तापमान 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है, लेकिन तहसील परिसर में सभी जलस्रोत—आरो प्लांट, इंडिया मार्का हैंडपंप और जलकल विभाग की पानी की टंकी—महीनों से बंद पड़े हैं। पानी की एक-एक बूंद के लिए अधिवक्ता और न्याय की आस में आने वाले वादकारी तरस रहे हैं।
इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए अधिवक्ताओं ने उपजिलाधिकारी चौरी चौरा को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें तहसील परिसर में बंद पड़े जलस्रोतों की तत्काल मरम्मत और उन्हें चालू करने की मांग की गई। ज्ञापन में कहा गया कि पेयजल की अनुपलब्धता से न केवल अधिवक्ताओं, बल्कि आम जनता को भी भारी असुविधा हो रही है। गर्मी के इस मौसम में पानी की कमी स्वास्थ्य जोखिम को और बढ़ा रही है।
ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख अधिवक्ता अजीत निषाद, सुभाष पासवान, रमेश यादव, आकृति जायसवाल, रामजीत यादव, भगवान निषाद, जितेंद्र गौतम, सत्यभामा, आनंद शुक्ला, रामनयन यादव, घनश्याम कुमार मिश्रा, अरुण यादव और रंधेश कुमार निषाद शामिल थे। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।















