1515 करोड़ की सौगात, तामेश्वर नाथ धाम कॉरिडोर बनेगा काशी की तर्ज पर।
संतकबीरनगर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को संत कबीर नगर में 1515 करोड़ रुपये की 528 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने बाबा तामेश्वर नाथ धाम के सौंदर्यीकरण और काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर तामेश्वर नाथ धाम कॉरिडोर के निर्माण की घोषणा की। यह परियोजना न केवल जनपद को नई पहचान देगी, बल्कि पूर्वांचल के धार्मिक और सांस्कृतिक परिदृश्य को भी समृद्ध करेगी। अपने दौरे की शुरुआत में सीएम ने तामेश्वर नाथ धाम शिव मंदिर में पूजा-अर्चन की और जनसभा को संबोधित करते हुए विकास और विरासत के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
तामेश्वर नाथ धाम: पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महाभारत काल में अज्ञातवास के दौरान पांडव अपनी माता कुंती के साथ तामेश्वर नाथ धाम पहुंचे थे। माता कुंती ने शिव की आराधना के लिए यहां शिवलिंग स्थापित किया था। मंदिर से कुछ दूरी पर रामपुर में स्थित एक तालाब, जिसे आज द्वापरा के नाम से जाना जाता है, भी पांडवों द्वारा बनवाया गया था। मंदिर के गर्भगृह का निर्माण लगभग 350 वर्ष पूर्व बांसी के तत्कालीन राजा ने करवाया था। उस समय भारती परिवार के पूर्वज सन्यासी टेकधर भारती मंदिर की देखरेख करते थे। वर्तमान में मंदिर परिसर में मुख्य शिव मंदिर सहित सोलह छोटे-बड़े शिवालय और हनुमान मंदिर मौजूद हैं।
बनियाबारी के समाजसेवी बृजभूषण पांडेय के अनुसार, महात्मा बुद्ध ने यहीं अपना मुंडन संस्कार करवाया था। मंदिर परिसर में स्थित अर्धनारीश्वर मंदिर की संरचना बुद्धकालीन मंदिरों की तरह है, जिसकी पुष्टि पुरातत्व विभाग की टीम ने भी की थी। हर वर्ष श्रावण मास और पुरुषोत्तम मास में लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। महाशिवरात्रि के अवसर पर एक माह तक चलने वाला मेला आयोजित होता है, जिसमें लाखों भक्त शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं।
काशी विश्वनाथ की तर्ज पर तामेश्वर नाथ धाम कॉरिडोर
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि तामेश्वर नाथ धाम को काशी विश्वनाथ और मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर की तर्ज पर विश्वस्तरीय बनाया जाएगा। उन्होंने कहा, “इस कॉरिडोर के लिए प्रस्ताव शीघ्र भेजें। जितनी जल्दी प्रस्ताव आएगा, उतनी जल्दी इसे स्वीकृति मिलेगी। धन की कोई कमी नहीं होगी।” उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि किसी को उजाड़ा न जाए, बल्कि सभी का व्यवस्थित पुनर्वास किया जाए और रोजगार के अवसर सुनिश्चित किए जाएं। “हमारा लक्ष्य इस धाम को व्यवस्थित और विश्वस्तरीय बनाना है, ताकि यह संत कबीर नगर की नई पहचान बने,” उन्होंने जोर देकर कहा।
नए भारत और यूपी की प्रगति
सीएम ने कहा, “आज हम एक नए भारत का दर्शन कर रहे हैं, जो एक है और श्रेष्ठ भी। यह भारत बिना रुके, बिना डिगे, बिना झुके अपनी विरासत की यात्रा को आगे बढ़ा रहा है।” उन्होंने दस वर्ष पूर्व की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि तब लोग विश्वास नहीं करते थे कि भारत में विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर हो सकता है। “आज यूपी में देश का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे नेटवर्क है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे संतकबीरनगर, अंबेडकर नगर और गोरखपुर को जोड़ रहा है। देश की पहली रैपिड रेल भी यूपी में चल रही है,” उन्होंने गर्व के साथ बताया।
अयोध्या-काशी का कायाकल्प
मुख्यमंत्री ने अयोध्या, काशी और प्रयागराज के कायाकल्प का उल्लेख किया। “2017 से पहले काशी में 50 लोग एक साथ दर्शन नहीं कर पाते थे, आज 50 हजार लोग एक साथ दर्शन कर सकते हैं। मां विंध्यवासिनी धाम में पहले 10 लोग एक साथ नहीं जा पाते थे, आज 10 हजार लोग जा सकते हैं।” उन्होंने कहा कि 2017 से पहले कुंभ की स्थिति असंतोषजनक थी, लेकिन आज देश-विदेश से लोग अयोध्या और कुंभ में स्नान करने आते हैं। “यह व्यवस्था और सरकार की जिम्मेदारी का परिणाम है,” उन्होंने कहा।
1515 करोड़ की परियोजनाएं:
समृद्धि का मार्ग
1515 करोड़ रुपये की 528 परियोजनाओं में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। ये परियोजनाएं जनपद के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगी और नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाएंगी। सीएम ने कहा, “संतकबीरनगर में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। यहां के जनप्रतिनिधियों, खासकर पूर्व सांसद इंद्रजीत मिश्रा और अष्टभुजा शुक्ला के आग्रह पर मुझे यहां आने का सौभाग्य मिला।”
नए उत्तर प्रदेश की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने बताया कि आज सुबह डेढ़ करोड़ छात्रों को डीबीटी के माध्यम से धनराशि भेजी गई। एक करोड़ से अधिक लोगों को ओडीओपी योजना से रोजगार मिला है। “नया उत्तर प्रदेश बिना भेदभाव के अपने 75 जिलों में विकास कार्य कर रहा है। यह डबल इंजन की सरकार आपके साथ है,” उन्होंने कहा।
आगे की योजना
अपने दौरे के अंत में मुख्यमंत्री गोरखपुर रवाना होंगे। प्रशासन और पुलिस विभाग कार्यक्रम की निगरानी कर रहे हैं, ताकि दौरा सुरक्षित और सफल रहे।















