यूपी में 157 रेलवे स्टेशन बनेंगे विश्वस्तरीय, 190 करोड़ की लागत से हाईटेक सुविधाएं।
गोरखपुर: भारत सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत उत्तर प्रदेश के 157 रेलवे स्टेशनों को अत्याधुनिक और यात्री केंद्रित बनाया जा रहा है। इनमें पूर्वोत्तर रेलवे के 19 स्टेशन शामिल हैं, जिनके पुनर्विकास पर 190 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा रहे हैं।
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि यह योजना स्टेशनों को शहरों के व्यावसायिक और सामाजिक केंद्र के रूप में स्थापित करेगी। स्टेशनों पर भव्य प्रवेश द्वार, आधुनिक प्रतीक्षालय, हाई मास्ट लाइटिंग, मॉडर्न टॉयलेट, डिजिटल सूचना डिस्प्ले, कोच इंडिकेशन सिस्टम और दिव्यांगजन के लिए रैंप जैसी सुविधाएं जोड़ी गई हैं। बढ़ती जनसंख्या और यात्रियों की सुविधा के लिए अप्रोच रोड और सर्कुलेटिंग एरिया का विस्तार भी किया जा रहा है।
सिद्धार्थनगर स्टेशन पर बौद्ध संस्कृति की अनूठी छाप दिखती है, जहां भगवान बुद्ध की प्रतिमा और स्थानीय कला स्टेशन को आकर्षक बनाती है। यह स्टेशन लुम्बिनी जाने वाले बौद्ध अनुयायियों के लिए विशेष महत्व रखता है। गोला गोकरन नाथ स्टेशन को छोटी काशी की तर्ज पर, मैलानी को दुधवा नेशनल पार्क के प्रवेश द्वार के रूप में, और स्वामी नारायण छपिया को मंदिर की शैली में विकसित किया गया है। मैलानी में दुधवा जाने वाली मीटर गेज ट्रेन में विशेष टूरिस्ट कोच भी जोड़ा गया है।
इन स्टेशनों पर उत्तर प्रदेश की समृद्ध कला, संस्कृति और लोक परंपराओं का समावेश आधुनिक वास्तुकला के साथ किया गया है, जिससे यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ-साथ स्थानीय विरासत का अनुभव भी मिलेगा।















