सायरन के साथ ब्लैकआउट: गोरखपुर में मॉक ड्रिल, आपदा प्रबंधन की तैयारी
गोरखपुर। भारत-पाकिस्तान एयर स्ट्राइक की पृष्ठभूमि में गोरखपुर में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए मॉक ड्रिल आयोजित की गई। सुबह 6 बजे पुलिस लाइन में सायरन बजते ही शहर में युद्धकालीन स्थिति का अभ्यास शुरू हुआ। रात 8 बजे ब्लैकआउट के दौरान घरों, दुकानों और वाहनों की लाइटें बंद कर दी गईं।
मॉक ड्रिल में नागरिकों को एयर अटैक से बचाव की ट्रेनिंग दी गई। सायरन बजाकर लोगों को अलर्ट किया गया और आग बुझाने के तरीके सिखाए गए। भगदड़ का सीन रचकर NDRF टीम ने घायलों को घटनास्थल से निकालकर मेडिकल पोस्ट पर पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें एम्बुलेंस से डीडीयू अस्पताल ले जाया गया। अभ्यास में वायु हमले के दौरान आग बुझाने, घायलों को प्राथमिक उपचार और इमारतों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रदर्शन किया गया।
डीएम कृष्णा करुणेश ने बताया कि इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य युद्धकालीन परिस्थितियों में जिले की सेवाओं और नागरिक सुरक्षा विभाग की तत्परता को परखना था। दिग्विजय नाथ पार्क में ब्लैकआउट के दौरान एडीएम सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट अमित जायसवाल, उप जिलाधिकारी राजू कुमार, आपदा अधिकारी गौतम गुप्ता, उप नियंत्रक सत्य प्रकाश सिंह, सिविल डिफेंस पदाधिकारी, फायर ब्रिगेड, जिला चिकित्सालय के डॉक्टर और एम्बुलेंस मौजूद रहे।
इस अभ्यास ने गोरखपुर प्रशासन की आपदा प्रबंधन क्षमता को उजागर किया। नागरिकों ने भी सक्रिय भागीदारी दिखाई, जिससे आपात स्थिति में समन्वय और जागरूकता का महत्व रेखांकित हुआ। यह कवायद प्रशासन और जनता के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने में भी कारगर रही।















