आतंक पर भारत का प्रचंड प्रहार: संतकबीरनगर में उत्सव, सेना का जयघोष।

संतकबीरनगर: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के जवाब में मंगलवार रात भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर सटीक एयर स्ट्राइक कर दुनिया को भारत की ताकत का अहसास कराया। इस कार्रवाई की खबर फैलते ही संत कबीर नगर में उत्साह की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोगों ने सड़कों पर उतरकर पटाखे फोड़े, मिठाइयां बांटीं और भारतीय सेना के साहस को सलाम किया। इसे आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक युद्ध की शुरुआत बताते हुए लोगों ने नया भारत की हुंकार को गर्व से दोहराया।
सूर्या इंटरनेशनल एकेडमी के निदेशक डॉ. उदय प्रताप चतुर्वेदी ने दिन के समय पत्रकारों से बातचीत में कहा, “यह कार्रवाई भारत की रणनीतिक शक्ति और आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस का प्रबल प्रमाण है। भारतीय सेना ने न केवल आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया, बल्कि वैश्विक मंच पर यह संदेश दिया कि भारत अब आतंक के खिलाफ चुप नहीं रहेगा। यह नया भारत है, जो दुश्मनों को उनके घर में घुसकर सबक सिखाता है।” उन्होंने आगे कहा कि यह कार्रवाई युवाओं के लिए प्रेरणा है कि देश की सुरक्षा सर्वोपरि है।
पूर्व विधायक दिग्विजय नारायण उर्फ जय चौबे ने इस कार्रवाई को ऐतिहासिक बताते हुए कहा, “भारतीय सेना ने हर देशवासी का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। यह केवल सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि आतंकवाद को जड़ से उखाड़ने का संकल्प है। केंद्र सरकार और सेना का यह कदम हर भारतीय के दिल में जोश भरता है। संत कबीर नगर की जनता सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।” उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की कि वे एकजुट होकर देश की सुरक्षा में योगदान दें।
नगर पालिका अध्यक्ष जगत जायसवाल ने सुबह अपने कार्यालय में इस कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा, “यह भारत की उस ताकत का प्रदर्शन है, जो आतंकवाद को कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। संतकबीरनगर के लोग इस कार्रवाई से गौरवान्वित हैं। हमारी सेना ने दिखा दिया कि भारत अब केवल शब्दों से नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाइयों से जवाब देता है। यह आतंक के खिलाफ युद्ध की शुरुआत है, और हम जीतेंगे।” जायसवाल ने स्थानीय युवाओं से सेना में भर्ती होने का आह्वान भी किया।
विधायक गणेश चौहान ने कहा, “यह कार्रवाई भारत की रणनीतिक और सैन्य ताकत का प्रतीक है। पाकिस्तान को अब समझ आ गया होगा कि भारत की सीमाओं से खिलवाड़ की कीमत चुकानी पड़ती है। संतकबीरनगर की जनता इस कार्रवाई का स्वागत करती है और सेना के हर कदम के साथ है।” उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह कदम क्षेत्रीय शांति के लिए भी जरूरी था।
पूर्व ब्लॉक प्रमुख राकेश चतुर्वेदी ने कहा, “भारतीय सेना का यह ऑपरेशन न केवल सैन्य दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह वैश्विक समुदाय को यह चेतावनी भी देता है कि आतंकवाद को पनाह देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई दिन के उजाले में भारत की उस इच्छाशक्ति को दर्शाती है, जो आतंक के खिलाफ सक्रिय प्रतिकार की नीति पर चल रही है।” उन्होंने स्थानीय निवासियों से अपील की कि वे इस गर्व के क्षण में सेना के प्रति एकजुटता दिखाएं।
राजनीतिक विश्लेषक डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा, “संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत यह कार्रवाई आत्मरक्षा का वैध कदम है। भारत ने अपनी सीमा से 100 किलोमीटर अंदर तक आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर यह साबित किया कि हमारी रणनीतिक सोच में अब ‘सक्रिय प्रतिकार’ ने ‘रणनीतिक संयम’ की जगह ले ली है। यह कार्रवाई भारत की सैन्य ताकत और कूटनीतिक दृढ़ता का प्रतीक है।”
विकास गुप्ता समाजसेवी ने कहा, “यह नया भारत है, जो दुश्मनों को सीने पर चढ़कर जवाब देता है। भारतीय सेना और वायुसेना के साहस को सलाम। जय हिंद!” स्थानीय निवासी नितेश मिश्रा, आशुतोष पांडेय, प्रदीप कुमार और राजेश्वर सिंह ने भी सेना के साहस को सलाम करते हुए कहा कि यह कार्रवाई हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है।
सुबह से ही लोग सोशल मीडिया पर अपनी खुशी जाहिर कर रहे थे। युवा कार्यकर्ता नील कमल ने कहा, “हमारी सेना ने दिखा दिया कि भारत अब कमजोर नहीं। जिला पंचायत अध्यक्ष बलराम यादव ने कहा यह कार्रवाई आतंकवाद को कुचलने की दिशा में मील का पत्थर है।” यह कार्रवाई न केवल सैन्य जवाब है, बल्कि वैश्विक समुदाय के लिए संदेश है कि आतंकवाद को प्रश्रय देने वालों पर अब सामूहिक दबाव बनेगा। संतकबीरनगर की गलियों में ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारे दिनभर गूंजते रहे, जो इस कार्रवाई के प्रति जनता के उत्साह को दर्शाते हैं।















