केक की मिठास में छिपा खतरा , सिल्वर बॉल से कैंसर का जोखिम, खाद्य विभाग ने दी चेतावनी।
गोरखपुर। अगर आप केक के साथ सिल्वर बॉल खाने के शौकीन हैं तो अब सतर्क हो जाएं। खाद्य सुरक्षा विभाग की हालिया जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। सिल्वर बॉल के नमूने फेल हो गए हैं और इसमें कैंसर जैसे जानलेवा रोग फैलाने वाले तत्व पाए गए हैं। यह सजावटी सामग्री, जो केक को आकर्षक बनाने के लिए इस्तेमाल होती है, अब लोगों की सेहत के लिए खतरा बन गई है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए इसे अखाद्य घोषित किया है। जांच में न सिर्फ सिल्वर बॉल, बल्कि चिकन बिरयानी, चटनी, पिस्ता नट्स, दूध और पनीर जैसे रोजमर्रा के खाद्य पदार्थों में भी मिलावट की पुष्टि हुई है। अब विभाग इन सभी मामलों में दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी कर रहा है।
सहायक आयुक्त खाद्य ने बताया कि पिछले साल 28 दिसंबर को तुर्कमानपुर इलाके में एक दुकान पर छापेमारी की गई थी। यह दुकान केक के साथ इस्तेमाल होने वाले सजावटी सामानों की सप्लाई के लिए जानी जाती है। यहां सिल्वर बॉल की बिक्री भी हो रही थी। संदेह के आधार पर इसके नमूने जांच के लिए भेजे गए, जो असुरक्षित पाए गए। रिपोर्ट में साफ हुआ कि इसमें कैंसर पैदा करने वाले हानिकारक तत्व मौजूद हैं। इसके अलावा, 27 जनवरी को बेतियाहाता चौराहे पर एक चाट भंडार से चटनी और मियां बाजार की एक दुकान से लिए गए नमूनों में भी खतरनाक मिलावट मिली।
विभाग का कहना है कि मिलावटखोर मुनाफे के चक्कर में लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। सिल्वर बॉल जैसी चीजें बच्चों और युवाओं में खास तौर पर लोकप्रिय हैं, जिससे यह खतरा और गंभीर हो जाता है। आम लोगों से अपील की गई है कि वे ऐसी चीजों से परहेज करें और मिलावट की शिकायत तुरंत दर्ज कराएं। खाद्य विभाग ने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है ताकि इस गोरखधंधे पर लगाम लग सके।















