संपूर्ण समाधान दिवस  में 143 शिकायतें दर्ज, मात्र 7 का निस्तारण।

संपूर्ण समाधान दिवस  में 143 शिकायतें दर्ज, मात्र 7 का निस्तारण।

संतकबीरनगर

शनिवार को संतकबीरनगर जिले में जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में मेंहदावल तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस मौके पर प्रशासन ने जनता की समस्याओं को सुनने और उनके त्वरित समाधान के लिए कटिबद्धता दिखाई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से हो, ताकि फरियादियों को राहत मिल सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि ही इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है।

मेंहदावल तहसील में कुल 44 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 5 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष मामलों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए डीएम ने एक सप्ताह के भीतर समाधान का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि शिकायतों के प्रति लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने लाभार्थीपरक योजनाओं जैसे वृद्धावस्था पेंशन, निर्विवाद वरासत, और कागजात सुधार जैसे मामलों को प्राथमिकता से निपटाने पर बल दिया, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे।

कानून और व्यवस्था से जुड़े मामलों की सुनवाई पुलिस अधीक्षक सत्यजीत गुप्ता ने की। उन्होंने सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत की मौके पर जांच हो और पीड़ितों को न्याय सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान यह संदेश स्पष्ट था कि प्रशासन जनता के प्रति जवाबदेह है और उनकी समस्याओं का समाधान उसकी प्राथमिकता है।

इसी क्रम में खलीलाबाद तहसील में अपर जिलाधिकारी जय प्रकाश और अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह की मौजूदगी में संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित हुआ। यहां कुल 70 प्रार्थना पत्र आए, जिनमें से 2 का मौके पर निस्तारण हुआ। शेष मामलों को त्वरित निपटारे के लिए संबंधित अधिकारियों को सौंपा गया। एडीएम ने अधिकारियों को शिकायतकर्ताओं के साथ संवेदनशील व्यवहार और दोनों पक्षों की बात सुनकर निष्पक्ष निस्तारण करने की हिदायत दी।

वहीं, धनघटा तहसील में पीडी प्रदोद कुमार नायक और एसडीएम अरुण कुमार वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में 29 मामले सामने आए, लेकिन एक भी मामले का निस्तारण नहीं हो सका। यह स्थिति प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती है। इस आयोजन में एसडीएम शैलेश दुबे, तहसीलदार आनंद कुमार ओझा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

कुल मिलाकर, जिले भर में संपूर्ण समाधान दिवस के तहत 143 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से केवल 7 का निस्तारण हो सका। यह आयोजन प्रशासन और जनता के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ, जहां अधिकारियों ने समस्याओं को सुनने और उनके समाधान का भरोसा दिलाया। हालांकि, निस्तारण की धीमी गति चिंता का विषय बनी हुई है। यह दिवस न केवल शिकायतों के समाधान का अवसर है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि प्रशासन जनता के प्रति कितना संवेदनशील और सक्रिय है।

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