गीडा की सख्ती: अवैध होटलों और ढाबों पर नकेल, नोटिस जारी, जवाब न मिलने पर सीलिंग की चेतावनी।
गोरखपुर
सहजनवां में गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) और हाइवे के किनारे अवैध रूप से संचालित होटलों और ढाबों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। गीडा ने ऐसे करीब डेढ़ दर्जन संचालकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। नियमों को ताक पर रखकर मानचित्र के विपरीत कारोबार चलाने वालों को चेतावनी दी गई है कि यदि समय पर जवाब नहीं दिया गया तो सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। यह कदम क्षेत्र में बढ़ते अवैध निर्माण और कारोबार पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया है।
गीडा क्षेत्र में औद्योगिक विकास तेजी से हो रहा है। बड़ी संख्या में फैक्ट्रियों की स्थापना के साथ ही होटल और ढाबा व्यवसाय में भी उछाल देखने को मिला है। गीडा के सेक्टर 22 को ट्रांसपोर्ट नगर के रूप में विकसित किया गया है, जहां भूखंडों का आवंटन विशेष रूप से ट्रांसपोर्ट से जुड़े कारोबार के लिए किया गया था। हालांकि, कई संचालकों ने स्वीकृत मानचित्र और आवंटन के नियमों की अनदेखी करते हुए अवैध तरीके से होटल और ढाबे शुरू कर दिए। इस अनियमितता को लेकर लंबे समय से सवाल उठ रहे थे, जिसके बाद गीडा ने शुक्रवार से सख्ती बरतनी शुरू की।
पहले चरण में बंटी रेस्टोरेंट, पेट पूजा ढाबा, ए 5 होटल एंड रेस्टोरेंट, खाना खजाना, व्हाइट हाउस होटल, बाबा रेस्टोरेंट, जायसवाल, राधा कृष्ण होटल पैलेस, तिवारी ढाबा, होटल कैलाश, होटल कृष्णा प्रताप और महफिल रेस्टोरेंट जैसे डेढ़ दर्जन प्रतिष्ठानों को नोटिस भेजा गया। नोटिस में स्पष्ट किया गया कि इन भूखंडों का उपयोग ट्रांसपोर्ट कारोबार के लिए होना था, लेकिन वर्तमान में ये होटल और ढाबे के रूप में संचालित हो रहे हैं।

अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. आरडी पांडेय ने बताया कि संचालकों को जवाब देने का मौका दिया गया है। जवाब संतोषजनक न होने या समय पर न मिलने की स्थिति में कठोर कदम उठाए जाएंगे। यह कार्रवाई गीडा क्षेत्र में नियमों के पालन और व्यवस्थित विकास को सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।















