रामलला का सूर्य तिलक: रामनवमी पर भव्य आयोजन, अगले 20 साल तक रहेगी परंपरा।
अयोध्या में रामनवमी का उत्साह एक बार फिर चरम पर है। प्राण प्रतिष्ठा के बाद पिछले साल रामलला का सूर्य तिलक किया गया था, और इस बार भी यह भव्य आयोजन होने जा रहा है। राम मंदिर ट्रस्ट ने ऐतिहासिक निर्णय लिया है कि अगले 20 वर्षों तक हर रामनवमी पर रामलला का सूर्य तिलक होगा। मंगलवार को हुई भवन निर्माण समिति की बैठक में इसकी स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने का फैसला लिया गया। नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि भगवान सूर्य स्वयं रामलला के मस्तक पर तिलक करेंगे, और यह अलौकिक दृश्य देश-विदेश में लाइव प्रसारित होगा। इंजीनियरों ने बैठक में सूर्य तिलक का प्रस्तुतीकरण भी पेश किया।
राम दरबार और पास व्यवस्था:
बैठक में निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि मंदिर के पहले तल पर मई 2025 के पहले 15 दिनों में शुभ मुहूर्त में राम दरबार की स्थापना होगी। श्रद्धालुओं के लिए दर्शन हेतु पास व्यवस्था लागू की जाएगी, जिसके तहत हर घंटे 50 लोगों को दर्शन का अवसर मिलेगा। इस तरह प्रतिदिन करीब 800 भक्त राम दरबार के दर्शन कर सकेंगे।
रामकथा संग्रहालय और मंदिर निर्माण:
अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में 20 गैलरी का निर्माण शुरू हो चुका है, जहां रामकथा और हनुमान कथा के प्रसंग श्रद्धालुओं को देखने को मिलेंगे। साथ ही, 500 साल के राम मंदिर आंदोलन का गौरवशाली इतिहास भी प्रदर्शित होगा। मंदिर के सभी निर्माण कार्य दिसंबर 2025 तक पूरे होंगे, हालांकि परिसर में बन रहा ऑडिटोरियम 2025 के बाद तैयार होगा।
चार द्वारों का नामकरण:
राम मंदिर के चारों द्वारों का निर्माण शुरू हो गया है। इन द्वारों का नाम आंदोलन से जुड़े महापुरुषों के नाम पर रखा जाएगा। रामनवमी पर चंपत राय इसकी घोषणा कर सकते हैं। इसके अलावा, अप्रैल अंत तक कैनोपी तैयार होगी, और जरूरत पड़ने पर ट्रस्ट अस्थायी कैनोपी व मैट की व्यवस्था करेगा ताकि श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत मिले।
यह आयोजन न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि राम मंदिर के स्वर्णिम इतिहास को भी जीवंत करता है।















