शहीदों की याद और संस्कृति का सम्मान: बाल विद्यालय प्रसादपुर में बच्चों को संस्कार और शिक्षा का अनमोल तोहफा।

शहीदों की याद और संस्कृति का सम्मान: बाल विद्यालय प्रसादपुर में बच्चों को संस्कार और शिक्षा का अनमोल तोहफा।

 

संतकबीरनगर, धनघटा। बाल विद्यालय प्रसादपुर में शहीद भगत सिंह के बलिदान दिवस और छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरगाथा के सम्मान में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य बच्चों को संस्कारित और शिक्षित करना था। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के संस्थापक सदस्य डॉ. दिलीप शर्मा ने दीप प्रज्वलन के साथ की। नगर पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि नीलमणि ने मां सरस्वती की पूजा-अर्चना कर बच्चों को आशीर्वाद दिया।  

केडी यादव ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा, “एक टाइम भोजन कम करेंगे, लेकिन बच्चों को अवश्य पढ़ाएंगे।” प्रदीप सिंह सिसोदिया ने जोर देकर कहा कि बच्चों को संस्कारित शिक्षा देने वाले स्कूलों का चयन करना चाहिए, वरना बुढ़ापे में वृद्धाश्रम की तलाश करनी पड़ सकती है।  

डॉ. मनोज शुक्ला ने भारतीय माताओं को त्याग, बलिदान और साहस का प्रतीक बताते हुए पन्नाधाय, विद्यावती और कौशल्या का उदाहरण दिया। कायस्थ सभा के अध्यक्ष पवन श्रीवास्तव ने कहा कि जो देश अपनी संस्कृति, धर्म और कला की रक्षा करता है, वह हमेशा समृद्ध रहता है।  

दुल्हन की तरह सजा विद्यालय भवन मेहमानों का स्वागत कर रहा था। छोटे बच्चों के रैंप वॉक और “नानी तेरी मोरनी” जैसे प्रदर्शनों ने दर्शकों का दिल जीत लिया। छत्रपति शिवाजी महाराज का प्रिय मराठी लोक नृत्य ‘लावडी’ प्रिया, प्रियल, अंशु और प्रीति ने प्रस्तुत कर मराठी संस्कृति का आकर्षण बिखेरा। कजरी और गोदना नृत्य-गीत में प्रियांशी, क्षमा, साक्षी और ब्यूटी ने सबका आशीर्वाद प्राप्त किया। पल्लवी व अन्य छात्राओं के मोर नृत्य को अतिथियों ने खूब सराहा।  

भारतीय वीरों पर आधारित प्रस्तुति में जब “हिंदुस्तान की बेटियां” हवाई जहाज से मंच पर उतरीं, तो दर्शक खड़े होकर तालियां बजाने पर मजबूर हो गए। “राम आएंगे” कार्यक्रम में आर्यन और शीर्षक ने उत्कृष्ट कला का प्रदर्शन किया। शास्त्रों का उल्लेख करते हुए कहा गया, “जहां नारियों की पूजा होती है, वहां देवता वास करते हैं।” इस रोमांचक प्रस्तुति ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।  

कार्यक्रम में दिग्विजय पांडे, रवि श्रीवास्तव, अभिषेक कुमार सिंह, बालाजी प्रकाशन, आलोक श्रीवास्तव, सोमेंद्र श्रीवास्तव, बुद्धा कोचिंग के डायरेक्टर, राहुल श्रीवास्तव, सर्वेश श्रीवास्तव, शोभित सहित क्षेत्र के सभी स्कूलों के प्रधानाचार्य और प्रबंधक उपस्थित रहे। गरिमा, राजनंदनी और संतोष ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया।  

सह-प्रबंधक दिव्यांश श्रीवास्तव और आकांक्षा श्रीवास्तव ने शिक्षक-शिक्षिकाओं का आभार व्यक्त किया। अब्दुल कलाम, मनीष चतुर्वेदी, अनिरुद्ध उपाध्याय, कृष्णा, महातम, राम सिंह, राकेश यादव, प्रदीप यादव, संतोष चतुर्वेदी, श्वेता और अनुराधा के प्रयास सराहनीय रहे। प्रबंधक प्रदीप श्रीवास्तव ने अतिथियों का अंग वस्त्र और माल्यार्पण के साथ स्वागत कर आभार जताया।

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