तस्करों ने बदला ट्रेंड,हाईवे के रास्ते बिहार ले जा रहे अवैध शराब 

तस्करों ने बदला ट्रेंड,हाईवे के रास्ते बिहार ले जा रहे अवैध शराब 

  – बस्ती,संतकबीरनगर,गोरखपुर,कुशीनगर की सीमा पार कर बिहार पहुंच रहा शराब 

  – कुशीनगर के तमकुहीराज और तरयासुजान क्षेत्र में होती है अवैध शराब की अधिकांश बरामदगी

           – वर्ष 2019 में कोतवाली खलीलाबाद पुलिस ने तीन बार पकड़ी थी अवैध शराब की खेप

            – लग्जरी गाड़ी में भी मिल चुकी है अवैध शराब 

           – आबकारी और पुलिस के कमजोर सूचना तंत्र का फायदा उठा रहे तस्कर

           —————————————————————

     उत्तर प्रदेश। संतकबीरनगर। 

   तूं डाल-डाल मैं पात-पात की तर्ज पर अवैध शराब के तस्करों ने ट्रेंड बदल दिया है। ट्रकों में सामानों के बीच में छुपा कर अवैध शराब की खेप को हाईवे से होकर बिहार पहुंचाया जा रहा है। आलम यह है कि आबकारी और पुलिस की सुस्ती और कमजोर सूचना तंत्र का फायदा तस्कर उठा कर अपने मकसद में कामयाब हो रहे है। वैसे ज्यादातर अवैध शराब की बरामदगी कुशीनगर जिले के तमकुहीराज और तरयासुजान क्षेत्र में ही होती है।

      वैसे तो जनपद कच्ची शराब की बिक्री और निर्माण के लिए चर्चित है। बिहार में शराबबंदी की वजह से तस्कर ट्रेंड बदल कर अवैध शराब की खेप बिहार पहुंचा रहे है। बस्ती,संतकबीरनगर,गोरखपुर की सीमा से होकर हाईवे के रास्ते कुशीनगर जनपद से होकर तस्कर अवैध शराब गंतव्य तक पहुंचा रहे है। वर्ष 2019 में कोतवाली खलीलाबाद पुलिस ने तीन बार अवैध शराब की खेप को बरामद किया था। जिसमें दो बार तो हरियाणा के दो-दो तस्कर पकड़े गए थे। जबकि सितंबर 2019 में ही मगहर के पास लग्जरी गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। जिसमें अवैध शराब मिली थी,जो इस बात की तस्दीक कर रही है कि अवैध शराब की खेप हाईवे से होकर बिहार जा रही है। वैसे कुशीनगर जिले में सर्वाधिक अवैध शराब की बरामदगी होती है। अवैध शराब के धंधे में पुलिस की संलिप्तता भी उजागर हुई थी। कसया थाना पर तैनात रहे एक पूर्व एसओ की भाभी की गाड़ी से अवैध शराब मिली थी। जिसमें पूर्व एसओ के खिलाफ निलंबन और मुकदमा दर्ज कराया गया था। इधर 27 नवंबर 2024 को कुशीनगर के तरयासुजान क्षेत्र में 10 शराब तस्कर पकड़े गए थे। वाहन के साथ 38 पेटी अवैध देसी शराब बरामद हुआ था। अभी चार दिन पूर्व कुशीनगर के ही तमकुहीराज क्षेत्र में लग्जरी वाहन में 12.35 लाख कीमत की अवैध शराब बरामद हुई थी और अंतरराज्यीय गैंग के दो तस्कर पकड़े गए थे। ऐसे में सवाल उठता है कि कुशीनगर तक अवैध शराब पहुंचने से पहले बस्ती,संतकबीरनगर और गोरखपुर जिले के भी कई थाने और चौकियां हाईवे पर स्थित है। आखिर अवैध शराब की गाड़ियां कैसे इन जिलों की पुलिस की निगाह से बच कर कुशीनगर तक पहुंच रही है। इसमें आबकारी और पुलिस की सतर्कता पर सवाल उठना लाजमी है। 

——————————————

 सिर्फ कच्ची शराब की बरामदगी तक सिमटा आबकारी महकमा

 आबकारी विभाग से मिली सूचना की मानें तो वर्ष 2022-23 में 13,377 लीटर कच्ची शराब बरामद हुआ है। इसमें कुल 681 अभियोग दर्ज हुआ था। जबकि वर्ष 2023-24 में 14,183 लीटर कच्ची शराब बरामद हुआ है। इसमें कुल 753 अभियोग पंजीकृत हुआ है। आबकारी यह कार्रवाई ही बता रही है कि सूचनातंत्र के कमजोर होने की वजह से सिर्फ कच्ची शराब की बरामदगी तक कार्रवाई सिमट कर रह गई है। 

————————————–

अवैध शराब के संबंध में सूचनाएं जुटा कर कार्रवाई किए जाने को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। जब कोई सटीक सूचना मिलेगी तो कार्रवाई जरूर की जाएगी। बस्ती जनपद में स्थित टोल प्लाजा पर समय-समय पर चेकिंग भी की जाती है। वैसे होटल,ढाबों पर भी रुकने वाले ट्रकों के संबंध में जानकारी जुटाए जाने के लिए सहयोगियों को निर्देश दिया गया है। 

— संजय कुमार,

  जिला आबकारी अधिकारी

————————————-

 मातहतों को निर्देश दिए गए है कि वें अपने सूचनातंत्र को विकसित करें और यदि अवैध शराब की गाड़ियां हाईवे से होकर गुजरे तो उनकी धरपकड़ करें। हाईवे के किनारे संचालित होटल,ढाबे पर भी नजर रखने का सुझाव दिया गया है,ताकि हरियाणा,पंजाब आदि जगहों से अवैध शराब लदी गाड़ियां पहुंच कर यदि रूकें तो उनके संबंध में सटीक सूचनाएं मिल सकें। अवैध शराब की बरादमगी और तस्करों पर कार्रवाई को लेकर पुलिस तत्पर है।

— सत्यजीत गुप्ता,

       एसपी

Previous articleएडीजी जोन डीआईजी रेंज एसपी सिटी उतरे रोड पर, ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित करने का दिया निर्देश।
Next articleउधार देने से मना करने पर महिला को धमकाया, बेटे का फोड़ा सिर।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here