18 किलोमीटर दूर जा कर दर्ज करवाते है केस,पड़ोस में है धर्मसिंहवा थाना।
– परिसीमन की दिक्कतों से दुश्वारियां झेल रही जनता
– जनप्रतिनिधि भी हैं खामोश
– विधायक मेंहदावल सीएम को लिखेंगे पत्र,परिसीमन की गड़बडी कराएंगे दूर
– थाना धर्मसिंहवा में पांच साल में दर्ज है हत्या व लूट के पांच मुकदमें
संत कबीर नगर ।
जनपद के उतरांचल में स्थित राजेडीहा और उसके आस-पास के तमाम गांवों की जनता को 18 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करके बखिरा थाने पर केस दर्ज करवाने जाना पड़ता है। यहीं नहीं नगर पंचायत धर्मसिंहवा का एक मोहल्ला भनवापुर माफी है,जो बखिरा थाने में शामिल है। जबकि दो किलोमीटर पर धर्मसिंहवा थाना है और यहां से राजेडीहा चौकी भी मात्र तीन किलोमीटर की दूरी पर है। परिसीमन की दिक्कतों की वजह से जनता दुश्वारियां झेल रही है और जनप्रतिनिधि खामोश हैं।
पूर्व में धर्मसिंहवा थाना और सांथा पुलिस चौकी जनपद सिद्धार्थनगर के अधीन था। यहां की जनता का राजस्व से संबंधित काम संतकबीरनगर से और पुलिस प्रशासन से जुड़ा काम सिद्धार्थनगर से होता था। तत्कालील एसपी सुग्रीव गिरी ने पहल किया। उनके प्रयास से वर्ष 2008 में जनपद सिद्धार्थनगर से धर्मसिंहवा थाना और सांथा पुलिस चौकी खेसरहा थाने से कट कर संतकबीरनगर जिले में शामिल हुआ। इसके अलावा बस्ती जनपद के मुंडेरवा थाने से हटाकर कांटे पुलिस को कोतवाली खलीलाबाद में और बस्ती के लालगंज थाने से हटा कर पौली चौकी भी जिले के धनघटा थाने में शामिल किया गया। वर्तमान में सांथा चौकी बेलहर थाने के अधीन है और इसी चौकी में बेलहर थाना संचालित हो रहा है। धर्मसिंहवा थाने में कुल 63 गांव शामिल है। जिसमें 48 आबाद गांव और 15 गैर आबाद गांव है। थाने से महज 300 मीटर उत्तर दिशा से सिद्धार्थनगर जिले के खेसरहा थाने की सीमा शुरू हो जाती है। जबकि धर्मसिंहवा थाने से तीन किलोमीटर दक्षिण बखिरा थाने की राजेडीहा पुलिस चौकी है। परिसीमन की गड़बडी का आलम यह है कि धर्मसिंहवा नगर पंचायत का भनवापुर माफी गांव बखिरा थाने के राजेडीहा चौकी में शामिल है। जबकि भनवापुरमाफी से मात्र दो किलोमीटर की दूरी पर धर्मसिंहवा थाना है। भवनापुर माफी के अलावा राजेडीहा चौकी क्षेत्र के दर्जनों गांवों के ग्रामीणों को केस दर्ज करवाने के लिए 18 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करके बखिरा थाने पर जाना पड़ता है। इसमें लोगों को दूरी के साथ समय भी अधिक लगता है। जनता की इस समस्या को लेकर जनप्रतिनिधि खामोश है।
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पांच साल में धर्मसिंहवा थाने में दर्ज है हत्या व लूट के सिर्फ पांच मुकदमें
जनपद मुख्यालय से 45 किलोमीटर दूर धर्मसिंहवा थाना है। यह थाना दो जनपद की सीमा को छूता है। सिद्धार्थनगर के थाना खेसरहा, गोरखपुर के थाना कैम्यिरगंज और सतंकबीरनगर के थाना बखिरा और मेंहदावल की सीमा से जुड़ा है। थाने के आंकड़े के मुताबकि पांच वर्ष में संगीन अपराध के चार हत्या, एक गैर इरातन हत्या और एक लूट का मुकदमा दर्ज है। जबकि कुल आईपीसी के 269 मुकदमें हैं। वर्ष 2020 में आईपीसी के साधारण कुल 38 मुकदमें हैं। जबकि वर्ष 2021 में आईपीसी के 44 मुकदमें हैं। इसमें दो हत्या के मामले दर्ज है। शेष सामान्य मुकदमें हैं। वर्ष 2022 में आईपीसी के कुल 58 मुकदमें दर्ज,यह सभी सामान्य मुकदमें है। वर्ष 2023 में आईपीसी के कुल 88 मुकदमें है। इसमें दो हत्या,एक गैर इरादतन हत्या,एक लूट का मुकदमा है। शेष सामान्य मुकदमें है। जबकि वर्ष 2024 में आईपीसी के कुल 41 मुकदमें दर्ज है। दो गैंगस्टर के है और शेष सभी सामान्य मुकदमें है।
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सीएम को लिखेगें पत्र,परिसीमन की गड़बडी कराएंगे दूर
धर्मसिंहवा जनपद के अंतिम छोर का थाना है। पूर्व के परिसीमन की गड़बडी की वजह से धर्मसिंहवा थाने के नजदीक के तमाम गांवों को बखिरा थाने से जोड़ा गया है। जिसकी वजह से यहां की जनता को अधिक दूरी तय करके बखिरा थाना जाना पड़ता है। यहीं नहीं बेलहर,बखिरा और धर्मसिंहवा थाने का परिसीमन भी ठीक ढंग से नहीं हुआ है। जिसकी वजह से जनता दुश्वारियां झेल रही है। इस पूरे प्रकरण को सीएम से मिलकर अवगत कराएंगे। इतना ही नहीं मुख्य सचिव और अपर मुख्य सचिव से भी पत्राचार करेंगे। सीएम से मांग कर समस्या का हल जरूर कराएंगे।
अनिल त्रिपाठी,
विधायक मेंहदावल















