स्कूलों को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा।

संतकबीरनगर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के आसपास के 10 परिषदीय स्कूलों को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। डीएलएड प्रशिक्षु आधुनिक शिक्षण कौशल के जरिए वैज्ञानिक तरीके से शिक्षण कार्य करेंगे।
जिले में 1247 परिषदीय स्कूल हैं। इसमें करीब 98 हजार विद्यार्थी नामांकित है। सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने और यहां शैक्षिक स्तर सुधारने के लिए शासन की ओर से तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में अब जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के आस पास वाले 10 परिषदीय स्कूलों को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। इन विद्यालयों में डायट के डीएलएड प्रशिक्षकों के आधुनिक शिक्षक कौशल के जरिए वैज्ञानिक तरीके से शिक्षण कार्य करेंगे। ताकि, डीएलएड प्रशिक्षु अधिक से अधिक दक्ष शिक्षक बन सकेंगे। इसके लिए चयनित स्कूलों को प्रयोगशाला विद्यालय के रूप में चिह्नित किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार परिषदीय विद्यालयों को आदर्श विद्यालय के रूप में संचालित करने का उद्देश्य स्कूलों के विद्यार्थियों के शैक्षिक स्तर सुधारना, उनकी जरूरतों के अनुरूप शिक्षण कार्य तैयार किए जाएंगे। खेल विधि के माध्यम से रुचिपूर्ण शिक्षा दी जाएगी। लैब स्कूल के रूप में चिह्नित होने वाले विद्यालयों में प्राथमिक और कंपोजिट दोनों प्रकार के विद्यालय रहेंगे। शासन के निर्देश पर जनपद में ऐसे 10 विद्यालयों चयनित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

शासन के निर्देश पर 10 परिषदीय विद्यालयों को चिह्नित करके आदर्श विद्यालय बनाया जाएगा। इससे विद्यालय में विद्यार्थियों को कई सुविधाएं भी मिलेंगी।
धीरेंद्र त्रिपाठी, उप शिक्षा निदेशक/ प्राचार्य जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान

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