संत कबीर नगर/धनघटा चुनाव मैदान में उतरने के लिए पहले राजनीतिक दलों के पास टिकट के लिए दौड़ते हुए दौड़े। जब टिकट नहीं मिला तो अब बागी निर्दलीय वित्त के रूप में ताल ठोक दिया। इससे पहले उन्हें पढ़ने की हुई कोशिशों में नाकामी हुई। बागी कहीं भी अब प्रत्याशियों की गति में कांटे न बिछाएं। इन आशंकाओं के साथ राजनीतिक दलों के लोग अपने पक्षपात के प्रचार में ताकतें झोंकने लगे हैं।
नगर पंचायत कैंसर बाजार धनघटा में भाजपा से टिकट के लिए छह लोगों ने अंतिम समय में लती की पार्टी को रिंकू मणि की पत्नी नीलमणि को अपना उम्मीदवार घोषित करते हुए चुनाव मैदान में उतारा। उनके नामांकन के पहले टिकट न मिलने का आभास हुआ तो भाजपा के बागी बनकर चार लोगों ने नामांकन पत्र दाखिल कर दिए। उनमें से एक ने बृहस्पतिवार को अपना नामांकन दिया
दलीय प्रत्याशियों की राह में रोड़ा बन सकते हैं
पत्र वापस ले लिया। इसके बाद भी भाजपा से बागी बने तीन लोग चुनाव मैदान में हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि बागी हुए लोगों को कर दिया। मनाने की कोशिश की गई, लेकिन वे माने नहीं दूसरी ओर, जुपिटरवार को भाजपा सांसद प्रवीण निषाद ने हंसर बाजार में पार्टी कैबिनेट के साथ जनसंपर्क किया।
वहीं, सपा में नेताओं के बीच गुटबंदी ने ऐसी घटनाओं को जन्म दिया कि अब वह पार्टी के लिए नासूर बनती है। स्पा ने सबसे पहले मनीषा पासवान को बनाया। बाद में उनकी जगह सुभावती चौहान बनती है। को लाकर खड़ा कर दिया।
सुभावती चौहान ने नामांकन पत्र लगाया। उसके बाद पार्टी ने अपने निर्णय में फिर से सनद रखते हुए अंतिम निर्णय मनीषा पासवान के पक्ष में देते हुए उन्हें समर्थन दिया। हालांकि, मनीषा पासवान
पार्टी के माध्यम से अंतिम समय में जारी किए गए अधिकृत पत्र की मूल प्रति निर्धारित समय सीमा में आरओ के व्यंजक प्रस्तुत नहीं कर शकं। इससे एआरओ ने सुभावती चौहान को सपा का उम्मीदवार घोषित किया
हालांकि, पार्टी के जिलाध्यक्ष समेत कई कद्दावर नेता मनीषा पासवान के समर्थन में हैं। उदर सुभावती चौहान के नामांकन पत्र की वापसी के लिए प्रयास भी हुए। सुभावती चौहान ने अपना नामांकन पत्र वापस नहीं लिया। अब इसमें से कौन सपा का है और कौन बागी चुनाव मैदान में पहुंचा है, इस सवाल का जवाब सपा का शीर्ष नेतृत्व ही दे
नामांकन पत्र वापसी के दिन के बाद से ही चुनावी हलचल तेज हो गई है। पक्षपाती बेझिझक हो या निर्दल सभी नगरों की गली गली में पहुंचकर अटैचमेंट को अपने पक्ष में मतदान करने के लिए प्रेरित करना शुरू कर दिया है।














