पोस्टमार्टम के लिए ढूंढा जा रहा दफनाए गये किशोर का शव: पीएम रिपोर्ट से होगा मामले का सही पता
गोरखपुर : मेडिकल स्टोर संचालक की दवा और इंजेक्शन से किशोर की मौत के पांच दिन बाद झंगहा पुलिस उसका शव ढूंढ रही है।
जिलाधिकारी गोरखपुर के निर्देश पर पुलिस और एसडीएम चौरी चौरा रविवार की सुबह से शाम सात बजे तक वीडियोग्राफर के साथ शव को ढूंढते रहे। फरेन नाला व गोर्रा नदी में जलस्तर बढ़ने से दफन वाले क्षेत्र में पानी भरने से उन्हें कामयाबी नहीं मिल सकी।
झंगहा के सिलहटा लंगड़ा निवासी दिलीप निषाद के 13 वर्षीय बेटे दीपक की दो जुलाई को मौत हो गई थी। बेटे को बुखार होने पर दिलीप उसे लेकर लंगड़ा चौराहे पर स्थित मेडिकल स्टोर पर गये थे। राजी जगदीशपुर निवासी संचालक जितेन्द्र शर्मा और उसके भाई सचिन ने कैप्सूल और गोली खिलाई। इसके बाद एक इंजेक्शन लगाकर भेज दिया। घर पहुंचने के बाद किशोर के शरीर के बाएं हिस्से में लकवा मार गया। हालत गंभीर होने पर दिलीप पांच दिन पहले हुई थी मौत, डीएम के निर्देश पर दिनभर ढूंढती रही झंगहा पुलिस
फरेन नाला व गोर्रा नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास के क्षेत्रों में भर गया है
बेटे को लेकर मेडिकल स्टोर पर दोबारा पहुंचे तो दोनों ने शहर के एक अस्पताल में ले जाकर भर्ती करा दिया। कुछ देर बाद किशोर की मौत हो गई। दिलीप ने बेटे का शव दफना दिया। पांच जुलाई को उसने आरोपित मेडिकल संचालक भाइयों के विरुद्ध झंगहा थाने में तहरीर दी। जांच के बाद पुलिस ने छह जुलाई की शाम संचालक जितेन्द्र शर्मा और उसके भाई सचिन पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया। इधर, शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी ने एसडीएम चौरी चौरा और झंगहा पुलिस को शव बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम कराने का निर्देश दिया।















