बस्ती से खबर है, कि बेटी की शादी में लिया कर्ज न चुका सका पिता, दी जान।

बस्ती से खबर है, कि बेटी की शादी में लिया कर्ज न चुका सका पिता, दी जान।
 
बस्ती।   कलवारी थाना क्षेत्र के बिशेनपुर गाँव में घर के मुखिया को अपने घर के उत्तर तरफ आम के पेड़ में रस्सी के सहारे लटकता देख परिजनों के होश उड़ गए। चीख पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दिया। थानाध्यक्ष भानुप्रताप सिंह के साथ मौके पर पहुंचे क्षेत्राधिकारी कलवारी प्रमोद कुमार राय ने अधीनस्थों को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए पंचनामा भरवाकर शव को स्टमार्टम हेतु भेजवा दिया।
 
थाना क्षेत्र के विशेनपुर गाँव निवासी 42 वर्षीय झिनकान दोपहर बारह बजे झमाझम बारिश के बीच घर के उत्तर तरफ आम के पेड़ में रस्सी के सहारे लटक गए। करीब साढ़े बारह बजे बारिश कम होने पर परिवार के लोगों ने उन्हें आम की डाली में लटकते देखा तो चीखना चिल्लाना शुरू कर दिया। आवाज सुनकर बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए। 
 
 
परिवार के लोगों ने अस्पताल ले जाने की मंशा से झिनकान को नीचे उतार लिया। 
 
तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। मौके पर का अनिल कुमार के साथ पहुंचे उपनिरीक्षक बिनोद बरनवाल ने पंचनामा भरकर लाश को पोस्टमार्टम हेतु भेजा। मृतक की पत्नी
 
इन्द्रमती ने बताया कि मेरे चार बेटी और एक बेटा है। पति खेती किसानी करके परिवार का भरण पोषण करते थे।
 
एक साल पहले बड़ी बेटी की शादी के लिए कई समूहों से लोन लिया था। समय से किश्त न चुका पाने के कारण पिछले माह अपना सारा जेवर बेंचकर समूह वालों को दे दिया फिर भी कर्ज की पूरी रकम पुरी न हो सकी। इधर पिछले कुछ दिनों से कर्ज को लेकर झिनकान कुछ अनमने से रहते थे। समय से किश्त न जुटा पाने के कारण पूरा परिवार परेशान रहता था। समूहवार 1670 और 2080 रुपये की किस्त जमा होती थी। आज सुबह कही से 300 रुपये लाकर दिए थे और बहुत चिन्तित दिखाई दे रहे थे। परिवार के लोगों को क्या पता था कि वे इतना बड़ा कदम उठा लेंगे। घर मे मुखिया की हुई असामयिक मृत्यु से पत्नी इन्द्रमाती, बेटी सन्तोषी, बबिता, खुशी, चांदनी और बेटे रामू का रो रो कर बुरा हाल है।
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