नदी का जलस्तर बड़ा तो ड्रेनेज खंड तैयारियों में जुटा।

नदी का जलस्तर बड़ा तो ड्रेनेज खंड तैयारियों में जुटा
 
 
 
 
नदी का जलस्तर 78.30 मीटर पहुंचा, तटबंध पर बढ़ा दबाव, ड्रेनेज खंड तैयारियों में जुटा
– 300 गांव के लोग दहशत में, कई जगह रेनकट भी बने
 
 
संतकबीरनगर। क्षेत्र में राप्ती नदी का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। शनिवार की रात में नदी का जलस्तर 1.10 मीटर बढ़ गया, जो खतरे के निशान 79.50 मीटर से 1.20 मीटर नीचे बह रही है। जल स्तर बढ़ने से तटबंध पर दबाव बढ़ गया है। इसे देखते हुए ड्रेनेज खंड तैयारियों में जुटा है। दूसरी तरफ प्रशासन नाव आदि की व्यवस्था करने में जुट गया है। बांध से सटे लगभग 300 गांव के लोग दहशत में हैं।
मेंहदावल क्षेत्र में स्थित राप्ती नदी का जलस्तर दो दिनों में 1.20 मीटर बढ़ गया है। वहीं बांध से सटे गांव नौगौ, बेलौहा, जोरवाल, तिवारीपुर, बानडुमर, विशुनपुरबागर, बढ़या, डुमरिया बाबू, थरौली, बेलौली समेत 300 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है, जबकि कई स्थानों पर अब भी रेनकट बरकरार है।
ड्रेनेज खंड के सहायक अभियंता अवर अभियंता तटबंध पर डेरा डाले हुए हैं। बेलौली व जोरवा विशुनपुर वागर में झावा भरी बोरिया डाल कर पानी के बैकरोल को रोका जा रहा है। क्षेत्रीय ग्रामीण संदीप सिंह, श्याम करन यादव, नंगा तिवारी, राजेन्द्र निषाद, मुग्गन यादव आदि लोगों का कहना है कि बारिश से पूर्व यदि ड्रेनेज खंड द्वितीय तटबंध पर ध्यान देता तो इस समय भागदौड़ नहीं करनी पड़ती।
 
वहीं कई स्थानों पर बने रेनकट बांध को कमजोर साबित कर रहे हैं। जलस्तर बढ़ने से तटबंध से सटे गांव के लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। ड्रेनेज खंड के सहायक अभियंता राम उजागिर लाल का कहना है कि जलस्तर बढ़ने के बाद भी तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है। जलस्तर का कोई दबाव नहीं है। बांध व जलस्तर की लगातार निगरानी कराई जा रही है। रात में भी बांध की निगरानी हो रही है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है।
 
ड्रेनेज खंड ने की तैयारी
करमैनी-बेलौली तटबंध की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है। बांध पर रिसाव की समस्या आने पर बालू, स्टोन चिप्स आदि का स्टाॅक रखा गया है। बोरी, स्टोन मिट्टी आदि रिजर्व में रखे गए हैं। तटबंध को सुरक्षित रखने की सारी व्यवस्था की गई है।
 
नाव तैयार रखने के निर्देश
राप्ती के जलस्तर को बढ़ता देख प्रशासन ने भी तैयारी तेज कर दी है। एसडीएम ने तहसील क्षेत्र के नाविकों को अपने नाव को ठीक करने के निर्देश दिए हैं ताकि कोई आपदा आती है तो नाव का सहारा लिया जा सके। करीब 20 नाव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
 
 
बाढ़ से बचाव की तैयारियां पूरी करने के निर्देश पहले ही दिए गए थे। नाव आदि को तैयार रखने और ड्रेनेज खंड को तटबंध की निगरानी रखने को कहा गया है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही सामने आएगी तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
– महेंद्र सिंह तंवर, डीएम
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