गोरखपुर देवरिया।
जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह की तरफ से जिला बार संघ के अध्यक्ष सिंहासन गिरी के साथ किए गए दुर्व्यवहार पर तहसील के अधिवक्ता भड़क गए। जिलाधिकारी पर कार्रवाई की मांग करते हुए तहसील परिसर में बैठक की। तहसील बार के अध्यक्ष सुशील ओझा ने कहा कि जिलाधिकारी का व्यवहार तानाशाही है।
उन्होंने हमारे जिलाध्यक्ष के साथ जो निंदनीय कृत्य किया है, इसके खिलाफ उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। अधिवक्ताओं ने कहा कि जब तक जिलाधिकारी पर कार्रवाई नहीं होती है, उनका आंदोलन व बहिष्कार जारी रहेगा।
अधिवक्ता बृजेश लाल श्रीवास्तव ने कहा कि भाटपार रानी के तहसीलदार भी अधिवक्ता व वादकारियों के साथ तानाशाही रवैया अपनाते हैं। उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
इस दौरान अशोक चौबे, नागेश दूबे, उपेंद्र मणि, प्रदीप गुप्ता, सुनील पांडेय, देवता शरण तिवारी, प्रकाश गुप्त, विवेक श्रीवास्तव, अभिजीत प्रताप सिंह, राणा सिंह, चंद्रभान प्रसाद, देवानंद मिश्रा, राम नगीना सिंह, ओम प्रकाश उपाध्याय, राणा सिंह आदि मौजूद रहे।
अधिवक्ता ने कहा कि आप द्वारा कहा गया था कि पैमाइश हो जाएगी अगर आप के खेत में पड़ेगा तो उसे हटवा देंगे। डीएम ने कहा कि तुम लोग गुंडई करोगे और खड़े हो गये और आगे बढ़ गए। दोनों तरफ से वाद-विवाद होने लगा। अधिवक्ताओं ने मामला शांत कराया। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन और कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन आंदोलन करने का निर्णय लिया है।
वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक















